Iran Attack Update: अमेरिका और इसराइल के हमलों से ईरान के Isfahan शहर में तबाही, 140 ऐतिहासिक स्थल हुए बर्बाद
अमेरिका और इसराइल के हवाई हमलों ने ईरान के ऐतिहासिक शहर Isfahan को भारी नुकसान पहुंचाया है। सदियों पुरानी मस्जिद, बाज़ार और महल अब खतरे में हैं। इन हमलों की वजह से दुनिया भर में सांस्कृतिक धरोहरों के नष्ट होने को लेकर गहरी चिंता बढ़ गई है।
Isfahan में किन ऐतिहासिक जगहों को नुकसान पहुंचा
ईरान के Isfahan शहर में कई ऐसी जगहें हैं जो पूरी दुनिया में मशहूर थीं, लेकिन अब वहां सैन्य हमलों के निशान दिख रहे हैं। शाह मस्जिद के गुंबद के नीचे का एक खंभा झुक गया है, जिससे पूरी इमारत के गिरने का खतरा पैदा हो गया है।
| प्रभावित स्थल | विवरण |
|---|---|
| Chehel Sotoun Palace | 17वीं सदी के इस महल पर सैन्य हमलों के निशान मिले हैं |
| Shah Mosque (Imam Mosque) | धमाकों की लहर से गुंबद का खंभा झुक गया है |
| Naqsh-e-Jahan Square | पास हुए धमाकों से संरचनात्मक स्थिरता को खतरा है |
| Ali Qapu Palace | इस ऐतिहासिक महल को भी हमले का सामना करना पड़ा |
| Jame Abbasi Mosque | इमारत को काफी नुकसान पहुंचा है |
| Dawlatkhaneh complex | इस परिसर में भी तबाही देखी गई है |
| Isfahan University of Technology | यहाँ के एक रिसर्च संस्थान को निशाना बनाया गया |
हमलों का कुल असर और आर्थिक नुकसान क्या रहा
ईरान के सांस्कृतिक विरासत मंत्री Reza Salehi Amiri ने बताया कि 28 फरवरी से 7 अप्रैल के बीच देश के 20 प्रांतों में करीब 140 ऐतिहासिक स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस तबाही की वजह से लगभग 7.5 ट्रिलियन तोमन (करीब 49 मिलियन डॉलर) का वित्तीय नुकसान हुआ है।
- अमेरिका ने इस सैन्य ऑपरेशन का नाम Epic Fury रखा था।
- इसराइल ने अपने अभियान को Roaring Lion नाम दिया था।
- ईरान के 140 स्थलों में से अकेले Isfahan के 23 स्थल प्रभावित हुए हैं।
- वॉशिंगटन और तेल अवीव का दावा है कि उनके निशाने सिर्फ सैन्य ठिकाने थे।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और विशेषज्ञों की क्या राय है
UNESCO ने इन हमलों पर गहरी चिंता जताई है और सभी पक्षों से सांस्कृतिक संपत्तियों की रक्षा करने की अपील की है। संस्था ने मुख्य सांस्कृतिक स्थलों के कोऑर्डिनेट्स भी साझा किए हैं ताकि उन्हें बचाया जा सके।
पुरातत्वविद् Nezih Basgelen ने साफ किया कि 1998 के रोम कानून (Rome Statute) के तहत ऐतिहासिक स्मारकों पर जानबूझकर किए गए हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस बीच, पाकिस्तान की कोशिशों से 11 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते के लिए युद्धविराम की घोषणा की गई थी।




