अबूधाबी-दुबई रोड पर रविवार तड़के हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे प्रवासी समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। एक हंसता-खेलता परिवार, जो खुशियां मनाने निकला था, पल भर में बिखर गया। इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना में अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें एक ही भारतीय परिवार के चार सगे बेटे और उनकी घरेलू सहायिका शामिल हैं। छुट्टी का दिन एक ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसका दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
लिवा फेस्टिवल की खुशियां रास्ते में ही मातम में बदलीं, शाहामा के पास कार के परखच्चे उड़ने से हुआ यह भीषण हादसा
केरल मूल के अब्दुल लतीफ और उनकी पत्नी रुखसाना अपने बच्चों के साथ अबूधाबी के मशहूर लिवा फेस्टिवल (Liwa Festival) का आनंद लेकर वापस दुबई अपने घर लौट रहे थे। परिवार बेहद खुश था, लेकिन शाहामा के पास पहुंचते ही उनकी कार एक भयानक दुर्घटना का शिकार हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार में सवार कई लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि बाकी घायलों को आनन-फानन में अबूधाबी के शेख शखबूत मेडिकल सिटी (SSMC) ले जाया गया।
मौके पर ही तीन बच्चों और घरेलू सहायिका की दर्दनाक मौत, आईसीयू में जिंदगी की जंग हार गया सात साल का चौथा बेटा
हादसे के तुरंत बाद का मंजर बेहद भयावह था। परिवार के सबसे बड़े बेटे अशाज़ (14), मंझले बेटे अम्मार (12) और सबसे छोटे मासूम अय्याश (5) की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इनके साथ ही परिवार की देखभाल करने वाली 49 वर्षीय घरेलू सहायिका बुषरा फयाज याहू भी इस हादसे में अपनी जान गंवा बैठीं। परिवार का सात साल का बेटा अज्जाम गंभीर रूप से घायल था और उसे आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था। डॉक्टर्स की तमाम कोशिशों के बावजूद, सोमवार शाम को अज्जाम ने भी दम तोड़ दिया, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।
अस्पताल में उपचार ले रहे माता-पिता की हालत अब स्थिर, परिवार में अब सिर्फ 10 साल की बेटी ही बची जीवित
इस विनाशकारी दुर्घटना में परिवार के मुखिया अब्दुल लतीफ और उनकी पत्नी रुखसाना भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। शुरू में उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई थी, लेकिन अब डॉक्टर्स ने उनकी हालत स्थिर बताई है और वे अस्पताल में रिकवर हो रहे हैं। इस पूरे परिवार में बच्चों के नाम पर अब सिर्फ 10 साल की बेटी इज़्ज़ा बची है। वह भी हादसे का शिकार हुई थी और अस्पताल में भर्ती है, लेकिन राहत की बात यह है कि डॉक्टर्स ने उसकी स्थिति को खतरे से बाहर और “स्टेबल” बताया है।
दुबई की मिट्टी में एक साथ दफन हुए चार सगे भाई, मंजर देख हर आंख हुई नम और सहायिका का शव भेजा गया वतन
इस त्रासदी का सबसे दुखद पहलू अंतिम संस्कार का समय था, जिसे देखकर वहां मौजूद हर शख्स का कलेजा कांप उठा। चारों सगे भाइयों को दुबई में एक साथ, अगल-बगल दफनाया गया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसे “एक ही परिवार के बच्चों की सामूहिक दफन” जैसा हृदयविदारक दृश्य बताया। वहीं, घरेलू सहायिका बुषरा के पार्थिव शरीर को सोमवार रात कागजी कार्रवाई पूरी कर केरल भेज दिया गया, जहां मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। सबसे बड़ी चुनौती रिश्तेदारों के सामने थी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती माता-पिता को यह खबर देने के लिए कई घंटों तक हिम्मत जुटानी पड़ी कि उनके जिगर के टुकड़े अब इस दुनिया में नहीं रहे।





