अबू धाबी में रविवार सुबह हुए एक भीषण सड़क हादसे में अपने चार भाइयों को खोने वाली 10 साल की बच्ची को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। यह दिल दहला देने वाला हादसा उस वक्त हुआ जब यह भारतीय परिवार लीवा फेस्टिवल से छुट्टियां मनाकर वापस दुबई लौट रहा था। हादसे में परिवार के चार बेटों और उनकी घरेलू सहायिका की मौत हो गई, जबकि माता-पिता और 10 साल की बेटी किसी तरह बच गए।
लीवा फेस्टिवल से खुशियां मनाकर लौट रहे परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, हादसे में चार भाइयों और घरेलू सहायिका की दर्दनाक मौत
इज़ा लतीफ (10) इस भयानक दुर्घटना में बाल-बाल बच गईं और अब उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। उनके माता-पिता, अब्दुल लतीफ और रुकसाना भी इस हादसे में जीवित बच गए हैं। हालांकि, शाहमा में हुए क्रैश ने परिवार की दुनिया उजाड़ दी। इस दुर्घटना में 14 वर्षीय अशाज़, 12 वर्षीय अम्मार, 8 वर्षीय अज्जाम और 5 वर्षीय अय्याश की जान चली गई। उनके साथ परिवार की 49 वर्षीय घरेलू सहायिका बुशरा फयाज याहू की भी मृत्यु हो गई। बुशरा का शव दक्षिण भारत के केरल राज्य में उनके परिजनों के पास भेज दिया गया है।
अस्पताल में भर्ती मां ने बच्चों को अंतिम विदाई देने के लिए की थी जिद, दुबई के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक हुए चारों मासूम
मंगलवार को दुबई के एक कब्रिस्तान में चारों भाइयों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बच्चों की मां रुकसाना अभी भी अबू धाबी के शेख शखबुत मेडिकल सिटी अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी सर्जरी हुई है। पारिवारिक मित्रों के अनुसार, मां ने दफनाने से पहले अपने बच्चों को एक आखिरी बार देखने की इच्छा जताई थी। उनकी हालत को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई ताकि वह अंतिम संस्कार से पहले अपने बच्चों को अलविदा कह सकें। यह दृश्य वहां मौजूद हर शख्स के लिए अत्यंत भावुक था।
गम में डूबे पिता ने अस्पताल से निकलकर दी बेटों को मिट्टी, अल वारका मस्जिद में उमड़ी शुभचिंतकों की भीड़ और नम आंखें
दुबई की अल वारका ग्रैंड मस्जिद में गुरुवार की सुबह और शाम को आयोजित शोक सभा (अज़ा) में परिवार, दोस्तों और शुभचिंतकों ने अब्दुल लतीफ के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पिता अब्दुल लतीफ मंगलवार को अपने बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए अस्पताल से बाहर आए थे और शोक सभा में भी मौजूद रहे। वह अब अपनी पत्नी की देखभाल के लिए वापस अस्पताल में उनके साथ रहेंगे जब तक कि वह पूरी तरह ठीक नहीं हो जातीं। करीबियों का कहना है कि इस समय पति-पत्नी दोनों को ही समाज और अपनों के सहारे की सख्त जरूरत है।
केरल का रहने वाला है पीड़ित परिवार, बाल-बाल बची बेटी का रिश्तेदार रख रहे हैं ख्याल, स्कूल में भी शोक की लहर
लतीफ परिवार मूल रूप से केरल का रहने वाला है और कई वर्षों से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बसा हुआ है। चारों भाई अरब यूनिटी स्कूल के छात्र थे, जहां उनकी मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है और स्कूल प्रबंधन व सहपाठियों ने बच्चों से जुड़ी यादें साझा कीं। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, हादसे में बची बेटी इज़ा शारीरिक रूप से ठीक हैं और फिलहाल एक रिश्तेदार उनकी देखभाल कर रहे हैं। दोस्तों का कहना है कि एक बच्चे को खोना भी माता-पिता के लिए असहनीय होता है, लेकिन इस परिवार ने एक साथ अपने चार बेटे खो दिए हैं, जो एक बहुत बड़ा आघात है। सभी शुभचिंतक परिवार के लिए दुआ कर रहे हैं।





