अबू धाबी के एक अस्पताल ने चिकित्सा जगत में एक बड़ा इतिहास रचा है। नाइजीरिया की रहने वाली 15 महीने की दो मासूम बहनें, जो सिर से एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं, उन्हें डॉक्टरों ने चार बेहद जटिल सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक अलग कर दिया है। यह पूरी प्रक्रिया छह महीने से अधिक समय तक चली और 5 जून 2026 को अंतिम सर्जरी पूरी हुई। इस ऐतिहासिक ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चियों ने पहली बार एक-दूसरे का चेहरा आमने-सामने देखा है।

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कैसे हुआ यह ऐतिहासिक ऑपरेशन और किन तकनीकों का हुआ इस्तेमाल?

इन बच्चियों के नाम मर्सी और गुडनेस हैं। जब इनका जन्म हुआ तो इनके सिर आपस में जुड़े हुए थे और खोपड़ी के साथ-साथ दिमाग के कुछ हिस्से और खून की नसें भी आपस में उलझी हुई थीं। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा लिया गया।

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मिक्स्ड रियलिटी: सर्जरी की योजना बनाने के लिए एआई तकनीक और मिक्स्ड रियलिटी का उपयोग किया गया था।
  • 3D-प्रिंटेड टाइटेनियम ग्राफ्ट्स: बच्चियों के सिर को अलग करने के बाद उनके सिर को सुरक्षित करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए 3D-प्रिंटेड टाइटेनियम ग्राफ्ट्स लगाए गए।
  • सबसे तेज सर्जरी का रिकॉर्ड: इस आधुनिक तकनीक की मदद से यह सिर से जुड़े बच्चों को अलग करने की अब तक की सबसे तेज सर्जरी बन गई है, जिसने मेडिकल साइंस में नया बेंचमार्क स्थापित किया है।

60 से अधिक डॉक्टरों की टीम और वैश्विक सहयोग

इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए पूरी दुनिया से बेहतरीन डॉक्टरों को बुलाया गया था। यूएई, ब्रिटेन, ब्राजील और नाइजीरिया के 60 से अधिक डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने इस काम में हिस्सा लिया। इस बहुविषयक टीम में न्यूरोसर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और पुनर्वास चिकित्सक शामिल थे।

अबू धाबी के प्योरहेल्थ के सेहा – शेख खलीफा मेडिकल सिटी (SKMC) अस्पताल में यह अंतिम सफल सर्जरी की गई। इस पूरे मिशन में जेमिनी अनट्वाइंड नाम की चैरिटी संस्था ने डॉक्टरों को अबू धाबी लाने और समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अबू धाबी मीडिया ऑफिस ने 5 जून 2026 को इस सफल ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए यूएई की बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं की तारीफ की। इस मामले पर रीम बिंत इब्राहिम ने कहा कि उन्हें इस वैश्विक सहयोग की मेजबानी करने और अपने देश में विश्व स्तरीय प्रतिभाओं के माध्यम से लोगों को नई उम्मीद देने पर गर्व है।

अब कैसी है दोनों बच्चों की स्थिति?

सफल ऑपरेशन के बाद मर्सी और गुडनेस अब पूरी तरह से सुरक्षित हैं। दोनों बच्चियों को फिलहाल यूएई में ही डॉक्टरों की देखरेख में पुनर्वास (Rehabilitation) थेरेपी दी जा रही है ताकि उनके चलने-फिरने और शारीरिक विकास में कोई बाधा न आए। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद वे वापस नाइजीरिया लौट जाएंगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

मर्सी और गुडनेस की उम्र कितनी है और वे कहां की रहने वाली हैं?

मर्सी और गुडनेस नाइजीरिया की रहने वाली 15 महीने की जुड़वां बहनें हैं, जो जन्म से ही सिर से आपस में जुड़ी हुई थीं।

इस जटिल सर्जरी को किस अस्पताल में अंजाम दिया गया?

इस फाइनल सर्जरी को यूएई के अबू धाबी में स्थित प्योरहेल्थ के सेहा – शेख खलीफा मेडिकल सिटी (SKMC) में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.