Air India ने सभी Boeing 787 विमानों की फिर से की जांच, लंदन की घटना के बाद उठाया सख्त कदम
एयर इंडिया ने अपने सभी बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच की फिर से जांच पूरी कर ली है। यह कदम लंदन से बेंगलुरु आ रही एक फ्लाइट में स्विच संबंधी दिक्कत आने के बाद उठाया गया था। एयरलाइन ने पुष्टि की है कि बेड़े के बाकी विमानों में कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली है और इसकी रिपोर्ट रेग्युलेटर को सौंप दी गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह एहतियाती जांच की गई थी।
लंदन से बेंगलुरु फ्लाइट में क्या हुआ था?
यह घटना 1 फरवरी 2026 की है, जब लंदन हीथ्रो से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट AI132 में तकनीकी समस्या देखी गई। बोइंग 787-8 विमान (VT-ANX) के इंजन स्टार्ट के दौरान फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) ‘RUN’ पोजीशन में ठीक से सेट नहीं हो पा रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, पहले दो प्रयासों में स्विच अपनी जगह पर लॉक नहीं हुआ, लेकिन तीसरे प्रयास में यह ठीक से काम करने लगा। इसके बाद विमान ने उड़ान भरी और बेंगलुरु में सुरक्षित लैंडिंग की। वहां पहुंचने पर विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया। यूके के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (UK CAA) ने इस पर सवाल उठाए हैं और पूछा है कि तकनीकी दिक्कत के बावजूद उड़ान क्यों भरी गई।
DGCA और एयर इंडिया ने क्या कार्रवाई की?
बेंगलुरु में डीजीसीए के अधिकारियों ने इस विमान के दोनों फ्यूल कंट्रोल स्विच की बारीकी से जांच की। जांच में पाया गया कि स्विच का लॉकिंग सिस्टम सही था और उसमें कोई स्लिप नहीं थी। अधिकारियों का मानना है कि यह समस्या स्विच को घुमाते समय गलत दिशा में दबाव डालने के कारण हुई होगी।
एयर इंडिया ने उस स्विच मॉड्यूल को बदलने का फैसला किया है, जिसने अभी केवल 3,440 घंटे की उड़ान पूरी की थी, जबकि इसकी लाइफ 20,000 घंटे होती है। इस हिस्से को जांच के लिए बोइंग के पास भेजा जाएगा। साथ ही, डीजीसीए ने क्रू को बोइंग की प्रक्रियाओं पर सही ट्रेनिंग देने की सलाह दी है ताकि भविष्य में ऐसी गलती न हो।




