Air India में 4000 कर्मचारियों ने बेचे फ्री टिकट, कंपनी वसूलेगी पूरा पैसा और लगाएगी भारी जुर्माना
एयर इंडिया (Air India) में टिकटों को लेकर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। कंपनी के करीब 4,000 कर्मचारियों ने अपने परिवार के लिए मिलने वाले फ्री हवाई टिकटों को बाहरी लोगों को बेच दिया। इस मामले की जांच के बाद एयर इंडिया प्रशासन सख्त हो गया है और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। टाटा समूह ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोषियों से पूरी रकम वसूलने का आदेश जारी किया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ फर्जीवाड़ा
एयर इंडिया की एम्प्लॉई लेजर ट्रैवल (ELT) पॉलिसी के तहत हर कर्मचारी को एक वित्तीय वर्ष में 14 फ्री या रियायती रिटर्न टिकट मिलते हैं। नियम के अनुसार ये टिकट केवल कर्मचारी, उनके पति या पत्नी, बच्चों और माता-पिता के सफर के लिए होते हैं। लेकिन जांच में पता चला है कि कंपनी के कुल 24,000 कर्मचारियों में से 4,000 से अधिक लोगों ने इस नियम का गलत फायदा उठाया।
कर्मचारियों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर बाहरी लोगों, दोस्तों और परिचितों को अपना रिश्तेदार बताकर नॉमिनी बना दिया। इसके बाद इन फ्री टिकटों को ब्लैक मार्केट में एजेंटों के माध्यम से ऊंचे दामों पर बाहरी लोगों को बेच दिया गया। यह फर्जीवाड़ा एयर इंडिया की आंतरिक ऑडिट टीम की जांच में पकड़ा गया है।
एयर इंडिया ने लिया कड़ा एक्शन
इस बड़े खुलासे के बाद एयर इंडिया ने फर्जीवाड़ा करने वालों पर भारी पेनेल्टी लगाने का फैसला लिया है। कंपनी अपने नुकसान की भरपाई और काम के माहौल को सुधारने के लिए कई सख्त कदम उठा रही है।
- पैसों की रिकवरी: एयर इंडिया ने दोषी कर्मचारियों से उन सभी टिकटों की पूरी कमर्शियल वैल्यू (बाजार मूल्य) वसूलने का आदेश दिया है जो गलत तरीके से इस्तेमाल की गईं।
- भविष्य के लाभ पर असर: दोषियों के सर्विस रिकॉर्ड में ‘डििसप्लिनरी मार्क’ दर्ज किया जा रहा है। इससे उनके भविष्य के प्रमोशन और कंपनी से मिलने वाले अन्य लाभ प्रभावित होंगे।
- नया सख्त नियम: भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अब कंपनी ने नॉमिनी रजिस्टर करते समय रिश्ते का प्रमाण (Proof of Relationship) देना अनिवार्य कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार जांच में यह बात भी सामने आई है कि इस फर्जीवाड़े में शामिल ज्यादातर कर्मचारी वे हैं जिन्होंने जनवरी 2022 में कंपनी के निजीकरण के बाद एयर इंडिया जॉइन की थी। कंपनी ने इस मामले को नैतिकता और आचरण का गंभीर उल्लंघन माना है।




