आज एक बहुत ही अहम और चौंकाने वाली खबर आ रही है एविएशन (Aviation) की दुनिया से, जो सीधे तौर पर उन लोगों पर असर डाल सकती है जो UAE या गल्फ देशों से यूरोप की यात्रा कर रहे हैं।
बात दरअसल ये है कि ग्रीस (Greece) का एयरस्पेस यानी हवाई क्षेत्र अचानक बंद हो गया है, और इसका कारण कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि एक ‘मैसिव रेडियो कम्युनिकेशन फेलियर’ (बड़ी तकनीकी खराबी) बताया जा रहा है।
आइये, आसान भाषा में समझते हैं कि पूरा मामला क्या है और इसका आपकी जेब और यात्रा पर क्या असर हो सकता है।
🚨 क्या हुआ है ग्रीस में?
खबरों के मुताबिक, 4 जनवरी 2026 की सुबह ग्रीस के हवाई क्षेत्र में रेडियो संचार प्रणाली (Radio Communication System) पूरी तरह ठप हो गई। सोचिए, आसमान में उड़ते जहाजों का ज़मीन से संपर्क ही टूट जाए! इसी वजह से सुरक्षा के लिहाज से एयरस्पेस को बंद करना पड़ा।
हालांकि, Flightradar24 का कहना है कि कुछ ही घंटों में बैकअप फ्रिक्वेंसी का इस्तेमाल करके इसे ठीक कर लिया गया, लेकिन अभी भी यह पक्का नहीं है कि यह खराबी क्यों आई।

-
क्या यह कोई तकनीकी खराबी थी?
-
क्या यह कोई साइबर हमला या शरारत थी?
-
या फिर ग्रीस का पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर जवाब दे गया?
वजह जो भी हो, इसका सीधा असर उड़ानों पर पड़ रहा है।
✈️ UAE और गल्फ की उड़ानों पर क्या असर होगा?
ग्रीस का रास्ता यूरोप जाने के लिए एक “मुख्य दरवाजा” माना जाता है, खासकर दक्षिण-पूर्व (Southeast) दिशा से आने वाली उड़ानों के लिए। चूंकि हमारे UAE और गल्फ के विमान (जैसे Emirates, Etihad, Qatar Airways) अक्सर इसी रास्ते से गुजरते हैं, इसलिए चिंता बढ़ना लाजमी है।
लेकिन, राहत की खबर यह है कि Emirates के प्रवक्ता ने साफ किया है:
“4 जनवरी की सुबह ग्रीस एयरस्पेस बंद होने के बावजूद, एथेंस (Athens) आने-जाने वाली हमारी उड़ानों पर बहुत कम असर पड़ा है। हम स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं और हमारे यात्रियों की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।”
💸 क्या हवाई किराया (Airfare) महंगा होगा?
यही वो सवाल है जो हर यात्री के मन में है। लंदन के एक विश्लेषक (Analyst), साज अहमद ने इस पर बहुत ही दिलचस्प बात कही है।
-
रास्ता बदलना पड़ेगा: जब सीधा रास्ता बंद होता है, तो विमानों को घूमकर जाना पड़ता है। इसका मतलब है ज्यादा फ्यूल और ज्यादा समय।
-
सीधा असर: अहमद जी का कहना है कि जो फ्लाइट्स सीधे ग्रीस जा रही हैं, उन पर तो असर होगा ही। लेकिन जो फ्लाइट्स उत्तरी यूरोप (Northern Europe) जा रही हैं, वे ग्रीस के रास्ते को छोड़कर दूसरे रास्ते अपना सकती हैं, जिससे उन पर कम असर होगा।
-
जेब पर बोझ: अगर यह समस्या 12 से 24 घंटे से ज्यादा खिंचती है, तो हज़ारों फ्लाइट्स प्रभावित हो सकती हैं। चूंकि अभी स्प्रिंग और रमज़ान से पहले का समय है और काफी लोग ट्रेवल कर रहे हैं, तो एयरलाइन्स के पास एक्स्ट्रा सीट या विमान नहीं होंगे। नतीजा? टिकट के दाम बढ़ सकते हैं!
अभी क्या स्थिति है?
फिलहाल स्थिति को संभाला जा रहा है। फ्लाइट्स को “री-रूट” (Re-route) किया जा रहा है ताकि वे ग्रीस के ऊपर से न उड़ें। इससे थोड़ी देरी (Delays) हो सकती है, लेकिन यात्रा पूरी तरह रुकने के आसार कम हैं। अगर आप जल्द ही यूरोप की यात्रा करने वाले हैं, तो अपनी एयरलाइन से स्टेटस चेक करते रहें।
हम इस खबर पर नजर बनाए हुए हैं और जैसे ही कोई नया अपडेट आएगा, हम आपको बताएंगे!





