संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे भारतीयों के लिए पासपोर्ट, वीज़ा और अटेस्टेशन सेवाओं से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। 22 जुलाई 2026 से Al Hind Tours & Travels LLC ने यूएई में इन सेवाओं को संभालना शुरू कर दिया है। भारत के सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद यह बदलाव किया गया है ताकि प्रवासियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और सेवाएं बिना रुके चलती रहें।
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कैसे लें अपॉइंटमेंट और क्या है चार्ज
अब यूएई में कुल 16 इंडियन कंसुलर एप्लीकेशन सेंटर्स (ICACs) के जरिए ये सेवाएं दी जा रही हैं। आवेदकों को ध्यान देना चाहिए कि अब भारतीय दूतावास या दुबई स्थित वाणिज्य दूतावास में सीधे आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके लिए consularsevainuae.com वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करना जरूरी है। अपॉइंटमेंट स्लॉट हर दिन सुबह 9:00 बजे और रात 9:00 बजे जारी किए जाते हैं।
सेवाओं के लिए Al Hind की ओर से AED 19 का सर्विस चार्ज लिया जा रहा है, जिसमें VAT शामिल है। यह शुल्क सरकार की फीस से अलग है। इस चार्ज में फॉर्म भरने और फोटो खींचने जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। हालांकि, तत्काल पासपोर्ट आवेदक, नवजात बच्चों के मामले, इमरजेंसी सर्टिफिकेट और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीधे सेंटर पर जाकर आवेदन करने की अनुमति दी गई है।
कोर्ट का क्या है रुख
सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई 2026 को यह फैसला सुनाया था। अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वे तीन महीने के भीतर नई टेंडर प्रक्रिया को पूरा करें। यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है और पूर्व में सेवाएं दे रही कंपनियों BLS International और SGIVS Global Services का अनुबंध 30 जून 2026 को समाप्त हो चुका है। पासपोर्ट जारी करने या रिजेक्ट करने का अंतिम अधिकार अभी भी भारतीय दूतावास के पास ही है, जबकि आवेदन लेने और शुरुआती प्रोसेसिंग का काम Al Hind कर रही है।
