Andhra Pradesh Capital News: अमरावती बनी आंध्र प्रदेश की स्थाई राजधानी, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, प्रवासियों के लिए बड़ी खबर.
आंध्र प्रदेश की राजधानी को लेकर चल रही सालों की अनिश्चितता अब पूरी तरह खत्म हो गई है। केंद्र सरकार ने अमरावती को राज्य की एकमात्र और स्थाई राजधानी के रूप में आधिकारिक मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 को अपनी सहमति दे दी है, जिसके बाद अब इसका सरकारी गजट नोटिफिकेशन भी जारी हो गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले आंध्र प्रदेश के प्रवासियों के लिए यह बड़ी खबर है क्योंकि अब राज्य का प्रशासनिक केंद्र पूरी तरह साफ हो गया है।
संसद से मिली मंजूरी और नए नियम
अप्रैल 2026 के पहले हफ्ते में लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने इस संशोधन बिल को पास किया था। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद अब अमरावती को कानूनी रूप से स्थाई राजधानी का दर्जा मिल गया है। यह नया कानून 2 जून 2024 से प्रभावी माना जाएगा, जिस दिन हैदराबाद के साझा राजधानी रहने की 10 साल की अवधि खत्म हुई थी। अब सरकार के इस फैसले से ‘तीन राजधानी’ वाले पुराने प्रस्ताव पर पूरी तरह रोक लग गई है और अमरावती ही एकमात्र केंद्र होगा।
अमरावती राजधानी से जुड़ी मुख्य बातें
अमरावती को स्थाई राजधानी घोषित करने से अब राज्य में निवेश और विकास के रास्ते खुलेंगे। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इसे जनता की जीत बताया है। राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए भूमि आवंटन और बुनियादी ढांचे का काम तेजी से चल रहा है, जिसे 2028 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। नीचे दी गई टेबल में इस फैसले से जुड़ी जरूरी तारीखें और जानकारी दी गई है:
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| संसद में बिल पास होने की तारीख | 1-2 अप्रैल 2026 |
| राष्ट्रपति की आधिकारिक मंजूरी | 6-7 अप्रैल 2026 |
| कानून लागू होने की प्रभावी तारीख | 2 जून 2024 (पिछली तारीख से) |
| अधिकार क्षेत्र | APCRDA एक्ट 2014 के तहत अधिसूचित क्षेत्र |
| विकास कार्य पूरा होने का लक्ष्य | साल 2028 के अंत तक |
इस ऐतिहासिक फैसले से अब भविष्य में राजधानी बदलने की राजनीतिक संभावनाओं पर भी लगाम लग गई है क्योंकि इसे सीधे तौर पर संसदीय संशोधन के जरिए सुरक्षित किया गया है। गल्फ में काम करने वाले प्रवासियों के लिए अब अपने राज्य में निवेश और जमीन से जुड़े कामों के लिए कानूनी स्थिति स्पष्ट हो गई है।




