अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर किए 16 हजार से ज्यादा हमले, मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने ईरान के खिलाफ एक बड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध की शुरुआत से अब तक ईरान पर 16,000 से ज्यादा हमले किए जा चुके हैं। इस सैन्य अभियान में ईरान के मिसाइल ठिकानों और महत्वपूर्ण सैन्य अड्डों को निशाना बनाया गया है। इन हमलों का सीधा असर मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और खाड़ी देशों के बीच संबंधों पर पड़ रहा है।
अमेरिकी और इजरायली सेना ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) और इजरायली सेना ने ईरान के कई इलाकों में बड़े हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत और उसके मिसाइल भंडार को कम करना है। सैन्य आंकड़ों के अनुसार यह कार्रवाई काफी बड़े स्तर पर की गई है।
| संस्था/सेना | कार्रवाई का विवरण |
|---|---|
| US CENTCOM | पहले 24 घंटों में 1,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला |
| US Army | ऑपरेशन की शुरुआत से अब तक 1,700 से ज्यादा हमले |
| Israeli Army | 24 घंटे में 700 से ज्यादा एयर सॉर्टीज और आधे मिसाइल भंडार को नष्ट किया |
| Kharg Island | 90 से ज्यादा सैन्य उद्देश्यों को निशाना बनाकर बड़ा हमला |
इस तनाव का सऊदी अरब और खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ा?
सऊदी अरब ने इस स्थिति पर अपना रुख स्पष्ट किया है। सऊदी प्रशासन ने अमेरिका को ईरान पर हमले के लिए अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी है। हालांकि सऊदी ने चेतावनी दी है कि यदि उसके तेल क्षेत्रों या ऊर्जा क्षेत्र पर हमले होते हैं, तो वह जवाब देने के लिए मजबूर होगा।
- सऊदी अरब ने यनबू पोर्ट (Yanbu Port) की ओर आ रही बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में मार गिराया।
- कतर ने रास लफ्फान में हमले के बाद ईरानी सैन्य अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश दिया है।
- ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खाड़ी देशों से अपने देश के कदमों के लिए माफी मांगी है।
- ईरान ने घोषणा की है कि वह पड़ोसी देशों पर हमले तब तक नहीं करेगा जब तक उसकी जमीन पर वहां से हमला न हो।
- सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान पर से उनका भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।





