अमेरिका ने कतर में बढ़ाई अपनी सैन्य ताकत, ईरान के साथ तनाव के बीच तैनात किए घातक हथियार और मिसाइलें
मिडिल ईस्ट में ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कतर स्थित अपने सबसे बड़े सैन्य बेस अल-उदेद पर सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत कर दी है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिका ने वहां भारी मात्रा में फाइटर जेट्स और पैट्रियट मिसाइलें तैनात की हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक और सैन्य हलचल काफी तेज हो गई है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारी पूरी रख रहा है।
अल-उदेद एयर बेस पर क्या-क्या तैनात हुआ?
प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट तस्वीरों में कतर के बेस पर बड़े बदलाव देखे गए हैं। अमेरिकी सेना ने पैट्रियट मिसाइल सिस्टम (MIM-104) को अब मोबाइल ट्रकों पर शिफ्ट कर दिया है। इससे मिसाइलों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना आसान होगा और हमला होने पर तुरंत जवाबी कार्रवाई की जा सकेगी। एयर बेस पर तैनात विमानों की सूची नीचे दी गई है।
| विमान/हथियार का नाम | संख्या/स्थिति |
|---|---|
| KC-135 Stratotanker (ईंधन भरने वाले) | 18 |
| C-17 Globemaster (परिवहन विमान) | 7 |
| F-15E Strike Eagle (फाइटर जेट) | 17 |
| A-10 Thunderbolt | 8 |
| पैट्रियट मिसाइल लॉन्चर | M983 HEMTT मोबाइल ट्रकों पर |
ट्रम्प और नेतन्याहू की मुलाकात और ईरान की तैयारी
व्हाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रम्प और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच हाल ही में तीन घंटे लंबी बैठक हुई है। इस बैठक में ईरान की गतिविधियों पर चर्चा हुई और ट्रम्प ने कहा कि वह कड़े फैसले लेने के लिए तैयार हैं। दूसरी ओर ईरान ने भी अपनी सुरक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। सैटेलाइट डेटा के अनुसार ईरान ने अपने परमाणु केंद्रों के पास सुरक्षा घेरा बढ़ाया है। साथ ही ईरान का नौसैनिक ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी भी बंदर अब्बास के पास सक्रिय देखा गया है।
क्षेत्रीय तनाव और नए प्रतिबंधों का असर
अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक चाहता है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक नए आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं जिसके तहत ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी टैरिफ और प्रतिबंध लगाए जाएंगे। मध्य पूर्व में अतिरिक्त 1,000 सैनिकों की तैनाती पर हर महीने करीब 18 से 21 मिलियन डॉलर का खर्च आने का अनुमान है। हालांकि ओमान में दोनों पक्षों के बीच बातचीत का एक दौर भी हुआ है जिसे एक अच्छी शुरुआत बताया जा रहा है।




