America ने किया साफ, कच्चे तेल की कीमत 200 डॉलर तक नहीं पहुंचेगी, बाजार में उतारे गए 400 मिलियन बैरल
SaudiNews50 की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के Energy Secretary क्रिस राइट ने साफ कर दिया है कि कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने की संभावना नहीं है। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच तेल के दामों में जो उछाल आया है, उसे अमेरिका ने एक छोटा और कुछ समय का बदलाव बताया है। दुनिया भर के बाजारों को राहत देने के लिए International Energy Agency (IEA) ने एक बड़ा फैसला लिया है। IEA ने अपने रिजर्व से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में उतारने का ऐलान किया है, जो अब तक का सबसे बड़ा कदम है।
तेल की कीमतों पर अमेरिका और ईरान के अलग-अलग दावे
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि तेल बाजार जल्द ही सामान्य हो जाएगा। हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने भी गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को कुछ समय की दिक्कत बताया है और कहा है कि हालात जल्द सुधरेंगे। दूसरी तरफ ईरान के अधिकारी इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने इसके उलट चेतावनी दी है। उनका कहना है कि क्षेत्र में जो सुरक्षा हालात बिगड़े हैं, उसे देखते हुए बाजार को 200 डॉलर प्रति बैरल के लिए तैयार रहना चाहिए। फिलहाल बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 100.83 डॉलर और WTI 95.02 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
खाड़ी में तनाव और सऊदी का नया कदम
पिछले 24 घंटों में खाड़ी क्षेत्र में कई घटनाएं हुई हैं। इराक के एक पोर्ट पर दो क्रूड टैंकरों में आग लग गई है। शक है कि यह ड्रोन या विस्फोटकों से भरी नाव से किया गया हमला है। इसके साथ ही Strait of Hormuz से भी जहाजों की आवाजाही पर भारी असर पड़ा है और ईरान ने चेतावनी दी है कि वह वहां से तेल के जहाजों को नहीं गुजरने देगा।
इस संकट से निपटने के लिए सऊदी अरब ने एक अहम कदम उठाया है। सऊदी अरब ने खाड़ी के रास्ते को छोड़कर अपनी East-West Pipeline के जरिए कच्चे तेल की सप्लाई तेज कर दी है। यह पाइपलाइन पूर्वी प्रांत से शुरू होकर लाल सागर तक जाती है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह पाइपलाइन खाड़ी के रास्ते से होने वाले कुल नुकसान की पूरी भरपाई नहीं कर सकती।




