बगदाद में अमेरिकी पत्रकार Shelly Kittleson का अपहरण, इराकी सेना ने एक संदिग्ध को पकड़ा
इराक की राजधानी बगदाद में मंगलवार, 31 मार्च 2026 की शाम को एक अमेरिकी फ्रीलांस पत्रकार Shelly Kittleson का अपहरण कर लिया गया है। यह घटना सादून स्ट्रीट पर बगदाद होटल के पास हुई। घटना के तुरंत बाद इराक के आंतरिक मंत्रालय ने एक बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू किया और अपहरणकर्ताओं की तलाश तेज कर दी। सुरक्षा बलों ने संदिग्धों का पीछा किया और एक गाड़ी को पकड़ा, लेकिन पत्रकार वहां नहीं मिलीं।
घटना से जुड़े मुख्य तथ्य और कार्रवाई
इराकी सुरक्षा बलों ने अपहरणकर्ताओं का पीछा किया, जिसके दौरान उनकी गाड़ी पलट गई। सुरक्षा बलों ने मौके से एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है और अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ी को जब्त कर लिया गया है। हालांकि, पकड़ी गई गाड़ी में Shelly Kittleson मौजूद नहीं थीं। प्रशासन अब बाकी अपराधियों का पता लगाने और पत्रकार को सुरक्षित वापस लाने के लिए लगातार छापेमारी कर रहा है।
- अपहरण मंगलवार शाम को बगदाद के एक व्यस्त इलाके में हुआ।
- इराक के आंतरिक मंत्रालय ने सुरक्षा अभियान शुरू करने की पुष्टि की है।
- अमेरिकी विदेश विभाग इस मामले की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
- Al-Monitor संस्था ने अपनी पत्रकार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
- सोशल मीडिया पर बचाव की कुछ अपुष्ट खबरें चलीं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अपहरण के पीछे किसका हाथ होने की आशंका है?
इस अपहरण के पीछे ईरान समर्थित मिलिशिया Kataib Hezbollah का हाथ होने का अंदेशा जताया गया है। पत्रकार के एक सहयोगी ने बताया कि अमेरिकी सरकार ने पहले ही Shelly Kittleson को इस समूह से जुड़े खतरे के बारे में चेतावनी दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, उनका नाम उन लोगों की सूची में शामिल था जिन्हें निशाना बनाया जा सकता था।
| संबंधित पक्ष | भूमिका |
|---|---|
| Shelly Kittleson | अपहृत अमेरिकी पत्रकार |
| Kataib Hezbollah | संदिग्ध मिलिशिया गुट |
| इराकी आंतरिक मंत्रालय | सुरक्षा और जांच एजेंसी |
| US State Department | राजनयिक सहयोग और निगरानी |
| Elizabeth Tsurkov | 2023 में इसी तरह अपहरण का शिकार हुई थीं |
अमेरिकी दूतावास ने पहले ही अपने नागरिकों को सुरक्षा खतरों के कारण इराक छोड़ने की सलाह दी थी। फिलहाल FBI और अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल इस मामले पर इराकी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं ताकि पत्रकार की जल्द से जल्द रिहाई सुनिश्चित की जा सके।




