उत्तर प्रदेश ने अंतरदेशीय मछली पालन में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसकी घोषणा विश्व मत्स्य पालन दिवस के अवसर पर मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने की है। यह जानकारी मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने शनिवार को लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में दी। प्रदेश में पिछले साढ़े छह वर्षों में मत्स्य पालन और उत्पादन में काफी वृद्धि दर्ज की गयी है।

प्रदेश में मत्स्य उत्पादन और मत्स्य बीज उत्पादन में वृद्धि दर्ज की गयी है। पिछले साल प्रदेश में 8.09 लाख मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हुआ था, जबकि इस साल अब तक 9.15 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हो चुका है। इसी तरह, पिछले साल 27,128 लाख मीट्रिक टन मत्स्य बीज उत्पादन हुआ था, जबकि इस साल अब तक 36,187 लाख मीट्रिक टन का उत्पादन हो चुका है। प्रदेश में विभिन्न मत्स्य सम्पदा योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं और भविष्य में मत्स्य पालन के लिए नए प्रोजेक्ट्स का निर्माण भी किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए नदियों में रैंचिंग की जा रही है और विभाग ने चंदौली में अल्ट्रा मॉडर्न फिश मॉल का निर्माण किया है। इसके साथ ही, मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण देने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। सरकार ने बैंक कर्ज स्वीकृत करके और योजनाओं के तहत धनराशि वितरित करके मत्स्य पालकों की मदद की है।

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