UAE और बहरीन में Apple और Amazon के काम पर असर, ईरान ने किया हमले का दावा, दुबई ने दी सफाई.
खाड़ी देशों में चल रहे तनाव के बीच Apple और Amazon जैसी बड़ी दिग्गज कंपनियों के कामकाज को लेकर बड़ी खबरें आ रही हैं। हाल ही में ईरान की ओर से दुबई और बहरीन में इन कंपनियों के ठिकानों पर हमलों के दावे किए गए हैं। हालांकि दुबई सरकार के मीडिया विभाग ने इन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है और कहा है कि वहां सारा सिस्टम सही से काम कर रहा है। इन घटनाओं की वजह से प्रवासियों और वहां काम करने वाले भारतीयों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है क्योंकि इसका सीधा असर सेवाओं और रोजगार पर पड़ता है।
Apple और Amazon के ऑपरेशंस पर क्या असर पड़ा?
मार्च के महीने में सुरक्षा को देखते हुए Apple ने दुबई और अबू धाबी में अपने पांच रिटेल स्टोर और दफ्तरों को कुछ समय के लिए बंद कर दिया था। यह फैसला सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए लिया गया था। इसी तरह Amazon ने भी अबू धाबी में अपने सामान पहुंचाने वाले सेंटर का काम कुछ समय के लिए रोका था और कर्मचारियों को घर से काम करने की सलाह दी थी। हालांकि अब Apple के स्टोर फिर से खुल चुके हैं लेकिन ईरान की हालिया चेतावनियों ने चिंता बढ़ा दी है।
ईरान के दावे और ज़मीनी हकीकत क्या है?
ईरान की सेना IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने दुबई में Oracle के डेटा सेंटर और बहरीन में Amazon के क्लाउड सेंटर को निशाना बनाया है। दुबई प्रशासन ने इन दावों को ‘फेक न्यूज़’ करार दिया है और कहा है कि वहां कोई हमला नहीं हुआ है। वहीं बहरीन में एक कंपनी के दफ्तर में आग लगने की खबर आई थी जिसे Amazon के सिस्टम से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। ईरान ने Apple, Amazon, Microsoft, और Google जैसी कंपनियों को चेतावनी दी है कि वे अपने कर्मचारियों को वहां से हटा लें।
इस स्थिति से जुड़ी कुछ मुख्य बातें
- Apple के स्टोर 28 फरवरी से 5 मार्च तक बंद रहे और 31 मार्च से दोबारा खुले।
- UAE सरकार ने निजी कंपनियों को सुरक्षा कारणों से वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी थी।
- Amazon ने अपने डिलीवरी नेटवर्क में सावधानी के तौर पर बदलाव किए हैं।
- दुबई सरकार ने साफ किया है कि उनकी सभी बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।
इन खबरों का असर उन लोगों पर पड़ता है जो इन बड़ी कंपनियों में काम करते हैं या इनके उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं। फिलहाल कंपनियां और सरकार मिलकर स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि आम लोगों और कर्मचारियों को कोई परेशानी न हो।




