Atlantic Council की चेतावनी: ईरान के पानी और बिजली प्लांट पर हमले से आम लोगों का जीना होगा मुश्किल, खाड़ी देशों पर भी मंडराया खतरा.
Atlantic Council के विशेषज्ञों ने एक गंभीर चेतावनी जारी की है जिसमें कहा गया है कि ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे जैसे बिजली और पानी के सिस्टम को निशाना बनाने से युद्ध खत्म नहीं होगा बल्कि यह और भी बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस तरह के हमलों से निर्दोष नागरिकों को अभूतपूर्व पीड़ा झेलनी पड़ेगी। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब हाल ही में परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और प्रमुख औद्योगिक परिसरों के पास हमलों की खबरें मिली हैं।
ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले से क्या नुकसान होगा?
अटलांटिक काउंसिल के विशेषज्ञों Joseph Webster और Ginger Matchett ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ईरान की सेना काफी हद तक नागरिक बिजली ग्रिड से स्वतंत्र होकर काम करती है। अधिकांश सैन्य ठिकानों के पास अपने समर्पित या मजबूत बैकअप पावर सिस्टम मौजूद हैं। इसलिए नागरिक बुनियादी ढांचे को नष्ट करने से ईरान की सैन्य क्षमताओं पर बहुत कम प्रभाव पड़ेगा लेकिन आम जनता के लिए पानी की कमी, बीमारियां और भूख का संकट पैदा हो जाएगा।
- सैन्य प्रभाव: नागरिक ग्रिड पर हमले से सैन्य अभियानों पर असर न के बराबर होगा।
- मानवीय संकट: पानी की कमी और बिजली गुल होने से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो सकती हैं।
- युद्ध का विस्तार: ऐसे हमलों से संघर्ष लंबा खिंच सकता है और तनाव और बढ़ सकता है।
खाड़ी देशों और क्षेत्र पर क्या असर पड़ सकता है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के बुनियादी ढांचे को फिर से निशाना बनाया गया तो वह कोई संयम नहीं बरतेगा। रिपोर्ट में यह भी अंदेशा जताया गया है कि ईरान जवाबी कार्रवाई के तौर पर अरब खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। यह स्थिति पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है और व्यापारिक गतिविधियों को भी बाधित कर सकती है।
| संस्था/व्यक्ति | प्रमुख बयान और चेतावनी |
|---|---|
| Atlantic Council | नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले रणनीतिक रूप से अप्रभावी हैं। |
| Abbas Araghchi (ईरान) | हमलों की स्थिति में ईरान ज़ीरो रिस्ट्रेंट (कोई संयम नहीं) दिखाएगा। |
| UN परमाणु एजेंसी | परमाणु साइटों को निशाना न बनाने की सख्त चेतावनी दी गई है। |
| Donald Trump | पूर्व में ईरानी जल और ऊर्जा प्रणालियों पर हमले की बात कर चुके हैं। |




