Bahrain में Amazon के क्लाउड सेंटर पर हमला, ईरान ने ली जिम्मेदारी, कई सर्विस हुई ठप.
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने बहरीन में स्थित अमेज़ॅन (Amazon) के क्लाउड सेंटर पर हमले की जिम्मेदारी ली है। यह घटना 1 अप्रैल 2026 को हुई जिसे ईरान ने अपनी तरफ से पहली चेतावनी बताया है। इस हमले के बाद अमेज़ॅन वेब सर्विसेज (AWS) ने अपनी सेवाओं में बड़ी रुकावट आने की बात कही है। बहरीन में मौजूद प्रवासियों और वहां की कंपनियों के लिए यह खबर चिंताजनक है क्योंकि इससे इंटरनेट और डिजिटल सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
अमेज़ॅन की सेवाओं पर क्या असर पड़ा है?
अमेज़ॅन वेब सर्विसेज (AWS) ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि बहरीन डेटा सेंटर से जुड़ी 73 सेवाओं पर इसका बुरा असर पड़ा है। कंपनी अपने सर्विस डैशबोर्ड को लगातार अपडेट कर रही है ताकि ग्राहकों को जानकारी मिलती रहे। जो लोग मिडिल ईस्ट में अमेज़ॅन की सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें अपना डेटा दूसरे सुरक्षित रीजन में शिफ्ट करने की सलाह दी गई है।
- अब तक 73 में से केवल 34 सेवाओं को ही बहाल किया जा सका है।
- बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने सेंटर में आग लगने की पुष्टि की है।
- कंपनी ने ग्राहकों को बैकअप और माइग्रेशन प्लान पर काम करने को कहा है।
- ईरान का दावा है कि यह केंद्र पूरी तरह से तबाह हो गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव से जुड़ी मुख्य बातें
ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह उन अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाएगा जो उनके खिलाफ सैन्य अभियानों में मदद करती हैं। इस सूची में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के बाद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि वह आने वाले हफ्तों में इसका बेहद सख्त जवाब देंगे।
| तारीख | घटनाक्रम |
|---|---|
| 1 मार्च 2026 | ईरान ने UAE और बहरीन के AWS केंद्रों पर पहले ड्रोन हमले किए थे। |
| 31 मार्च 2026 | IRGC ने अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाने की लिखित चेतावनी दी। |
| 1 अप्रैल 2026 | बहरीन में अमेज़ॅन के क्लाउड सेंटर को निशाना बनाया गया। |
| 2 अप्रैल 2026 | ईरानी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी ली। |
बहरीन के विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि ईरान की इन हरकतों से न केवल खाड़ी देशों बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापारिक मार्ग को भी बड़ा खतरा पैदा हो गया है। कतर ने भी इसी दौरान ईरान की तरफ से आए कई ड्रोनों को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है।




