Bahrain Govt New Order: Sitra हादसे के पीड़ितों के घर की मरम्मत कराएगी सरकार, इलाज का पूरा खर्च भी होगा माफ
बहरीन के Sitra इलाके में हुए हालिया हादसे के बाद सरकार ने वहां के निवासियों की मदद के लिए बड़े कदम उठाए हैं। क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री Prince Salman bin Hamad Al Khalifa के आदेश पर प्रभावित परिवारों को हर तरह की सरकारी सहायता दी जा रही है। इस हादसे में घायल हुए 32 लोगों के इलाज और टूटे हुए 100 से ज्यादा घरों की मरम्मत का पूरा खर्च अब सरकार ही उठाएगी। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को फिर से बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।
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निवासियों को सरकारी सहायता में क्या-क्या मिलेगा?
सरकार ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि हादसे में जिन लोगों के घरों और व्यवसायों को नुकसान पहुंचा है, उन्हें ठीक कराने का पूरा खर्चा सरकारी खजाने से दिया जाएगा। Ministry of Works की टीम ने अपनी जांच में 100 से ज्यादा घरों और 25 दुकानों में नुकसान की पुष्टि की है। इसके अलावा, जिन परिवारों के घर रहने के लिए सुरक्षित नहीं हैं, उन्हें वैकल्पिक आवास की सुविधा दी जा रही है।
- सभी 32 घायल नागरिकों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
- जरूरत पड़ने पर घायलों को इलाज के लिए विदेश भी भेजा जाएगा।
- प्रभावित इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई को तुरंत बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
- दुकानदार अपने नुकसान का दावा Sitra Charity Society के डिजिटल सर्वे के जरिए जमा कर सकते हैं।
घायलों की स्थिति और नुकसान का ताजा विवरण
इस हादसे में कुल 32 बहरीनी नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें एक दो महीने का बच्चा और 7-8 साल के दो बच्चे भी शामिल हैं। वर्तमान में 4 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है और वे डॉक्टरों की विशेष निगरानी में हैं। Deputy Prime Minister Shaikh Khalid bin Abdulla Al Khalifa ने खुद मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने का भरोसा दिया।
| नुकसान का प्रकार | संख्या/विवरण |
|---|---|
| प्रभावित घर | 100 से ज्यादा (छत और खिड़कियों का नुकसान) |
| प्रभावित दुकानें | 25 बिजनेस यूनिट्स |
| कुल घायल नागरिक | 32 (4 की हालत गंभीर) |
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी परिवार बिना छत के नहीं रहेगा और सामाजिक विकास मंत्रालय के सहयोग से सभी प्रभावितों को सुरक्षित आश्रय सुनिश्चित किया गया है। सरकारी अस्पताल की टीम गंभीर रूप से घायल लोगों के स्वास्थ्य की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है।




