Bahrain News Update: बहरीन ने अब तक मार गिराए ईरान के 134 मिसाइल और 238 ड्रोन, खाड़ी देशों में बढ़ा तनाव
बहरीन की डिफेंस फोर्स ने जानकारी दी है कि ईरान की तरफ से शुरू हुए हमलों के बाद से अब तक उनके एयर डिफेंस ने 134 बैलिस्टिक मिसाइलों और 238 ड्रोन्स को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। ये हमले रिहायशी इलाकों और निजी संपत्तियों को निशाना बनाकर किए जा रहे हैं, जिसे बहरीन ने अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ती इस हलचल ने वहां रह रहे लोगों और प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
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बहरीन डिफेंस फोर्स ने हमलों को लेकर क्या कहा?
Bahrain Defence Force (BDF) के अनुसार, इन हमलों में आम नागरिकों के रहने वाली जगहों को निशाना बनाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का सीधा उल्लंघन है। खाड़ी के अन्य देशों जैसे सऊदी अरब, कतर और कुवैत में भी पिछले 24 घंटों में हमले की खबरें आई हैं। बहरीन सरकार ने अपने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रभावित इलाके से दूर रहें और सेना के ऑपरेशन्स या मलबे वाली जगहों की फोटो न खींचें। अधिकारियों ने केवल सरकारी मीडिया चैनल पर ही भरोसा करने की सलाह दी है।
क्षेत्र में जारी तनाव और अन्य देशों पर असर
ईरान और पड़ोसी देशों के बीच बढ़ते इस तनाव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र पर पड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जो नीचे दी गई हैं:
| देश | प्रभाव/घटना |
|---|---|
| Qatar | Ras Laffan गैस प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा। |
| Saudi Arabia | Aramco-Exxon रिफाइनरी और Yanbu को निशाना बनाया गया। |
| UAE | मिसाइलें रोकने के बाद गैस सुविधाओं को बंद किया गया। |
| Kuwait | Mina al-Ahmadi रिफाइनरी पर ड्रोन्स से हमला हुआ। |
| Bahrain | सुरक्षा कारणों से फिलहाल प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है। |
| USA | राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को कतर पर हमले को लेकर बड़ी चेतावनी दी। |
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से सख्त कार्रवाई की मांग की है। खाड़ी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है, क्योंकि तेल और गैस रिफाइनरियों पर हो रहे हमलों से काम और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ सकता है। सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी हवाई खतरे को बीच में ही रोका जा सके।




