बहरीन में प्राइवेट कंपनियों पर सरकार सख्त, सैलरी न देने पर लगेगा 500 दिनार का जुर्माना
बहरीन में Ministry of Labour और Labour Market Regulatory Authority (LMRA) ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों की सैलरी को लेकर नियमों को बेहद सख्त कर दिया है। 8 फरवरी 2026 को जारी एक ताजा बयान में मंत्रालय ने सभी प्राइवेट कंपनियों से कहा है कि वे अपने कर्मचारियों की रुकी हुई सैलरी तुरंत दें। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब सैलरी देने में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो चुकी है।
सैलरी में देरी पर कितना लगेगा जुर्माना और ब्याज?
अगर कोई कंपनी बिना किसी वैध कारण के अपने कर्मचारियों को समय पर सैलरी नहीं देती है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। नए नियमों के मुताबिक, सैलरी न देने पर कंपनी को प्रति कर्मचारी BD 200 से लेकर BD 500 तक का जुर्माना देना होगा। अगर कंपनी दोबारा यही गलती करती है, तो यह सजा दोगुनी हो जाएगी।
सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि देरी होने पर कंपनी को कर्मचारी को हर्जाना भी देना होगा। अगर सैलरी छह महीने तक लेट होती है तो 6% सालाना ब्याज देना होगा। इसके बाद हर महीने यह ब्याज 1% बढ़ता जाएगा, जो अधिकतम 12% तक हो सकता है। हाल ही में कोर्ट ने एक मामले में कंपनी को 33,000 दिनार चुकाने का आदेश दिया है।
भुगतान के लिए अब कौन सा तरीका है मान्य?
अब कंपनियों को सैलरी का भुगतान सिर्फ LMRA WPS Portal के जरिए ही करना होगा। हाथ से नकद (Cash) देना या सीधे बैंक ट्रांसफर करना अब कानूनी सबूत नहीं माना जाएगा। 1 फरवरी 2026 तक सभी कंपनियों के लिए एक Wages Responsible Person (WRP) नियुक्त करना अनिवार्य कर दिया गया था।
कंपनियों को 31 मार्च 2026 तक नए सिस्टम (Enhanced WPS) के तहत अपनी पहली तिमाही की रिपोर्ट जमा करनी होगी। जो कंपनियां सैलरी का भुगतान इस सिस्टम से नहीं करेंगी, उन्हें वर्क परमिट रिन्यू कराने या नए वीजा लेने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। सरकार ने ऐसे नियोक्ताओं की LMRA सेवाओं को तुरंत रोकने का फैसला किया है।
शिकायत कहां और कैसे करें?
सैलरी से जुड़ी शिकायतों की संख्या पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है, जो 2025 में 537 तक पहुंच गई थी। इसी को देखते हुए सरकार ने निगरानी बढ़ा दी है। अब कर्मचारी अपनी शिकायत सीधे Tawasul प्लेटफॉर्म या हेल्पलाइन नंबर 155214 पर दर्ज करा सकते हैं।
मंत्रालय अब शिकायतों का इंतजार नहीं कर रहा है, बल्कि सिस्टम में पहले ही जांच कर रहा है कि भुगतान सही से हो रहा है या नहीं। जिन नौकरियों में सैलरी BD 250 से कम है, अगर उनका भुगतान WPS के जरिए नहीं हुआ, तो वे कंपनी के बहरीनाइजेशन कोटे में भी नहीं गिने जाएंगे।





