Bahrain का प्रस्ताव रूस और चीन ने किया खारिज, ईरान और अमेरिका के बीच अब 2 हफ्ते तक नहीं होगा हमला
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहरीन द्वारा लाए गए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को रूस और चीन ने वीटो कर दिया है। यह प्रस्ताव होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए लाया गया था। इस कूटनीतिक हलचल के बीच, ईरान और अमेरिका के बीच दो सप्ताह के अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में फिलहाल बड़े हमले का खतरा टल गया है।
सुरक्षा परिषद में वोटिंग और रूस-चीन का रुख
7 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र में बहरीन द्वारा तैयार किए गए मसौदे पर मतदान हुआ। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ईरान द्वारा बंद किए गए समुद्री रास्ते को फिर से खुलवाना था। रूस के राजदूत वासिली नेबेंजिया और चीन के प्रतिनिधि फू कोंग ने इसे ईरान के खिलाफ पक्षपाती बताया। उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका की धमकियों के बीच इस तरह के प्रस्ताव को पास करना गलत संदेश देगा। इस दौरान सुरक्षा परिषद के 11 सदस्यों ने पक्ष में वोट दिया, जबकि पाकिस्तान और कोलंबिया ने वोट नहीं डाला।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की शर्तें
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दी गई समय सीमा के बाद दोनों पक्षों में दो हफ्ते के युद्धविराम पर समझौता हुआ है। इसके तहत कुछ महत्वपूर्ण बातें तय की गई हैं:
| विषय | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| युद्धविराम की अवधि | 8 अप्रैल से अगले दो सप्ताह तक |
| होर्मुज जलडमरूमध्य | ईरानी सेना की देखरेख में सुरक्षित आवाजाही के लिए खुला रहेगा |
| अगली बातचीत | पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने की संभावना |
| ईरान का रुख | युद्धविराम सशर्त है और यह युद्ध का अंत नहीं है |
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की है कि वे इस अवधि के दौरान हमले रोक देंगे। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के प्रवक्ता ने भी नागरिक ठिकानों पर हमले की धमकियों पर चिंता जताई है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि समुद्री रास्ता खुलने से व्यापार और जरूरी चीजों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी।




