बांग्लादेश में बिजली बचाने के लिए बदला गया दफ्तरों का समय, ईरान युद्ध की वजह से ईंधन सप्लाई में आई दिक्कत.
बांग्लादेश सरकार ने देश में बिजली की भारी किल्लत को देखते हुए काम के घंटों में कटौती और ऊर्जा बचत के नए निर्देश जारी किए हैं। मिडिल ईस्ट में ईरान और इसराइल के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में उछाल आया है और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसी संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश के लोक प्रशासन मंत्रालय ने देशभर के सरकारी दफ्तरों को बिजली के कम इस्तेमाल की सलाह दी है।
बिजली की बचत के लिए सरकार ने क्या निर्देश जारी किए हैं?
बांग्लादेश सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं जो सीधे तौर पर आम लोगों और दफ्तरों पर असर डाल रहे हैं। लोक प्रशासन मंत्रालय के अधिकारी सखावत हुसैन ने इसकी पुष्टि की है कि सरकारी दफ्तरों को अब कम बिजली में काम चलाना होगा।
- सरकारी दफ्तरों में गैर-जरूरी लाइटों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
- एयर कंडीशनर (AC) का तापमान 25 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक रखने का नियम बनाया गया है।
- दफ्तरों के संचालन के दौरान प्राकृतिक रोशनी यानी सूरज की रोशनी का ज्यादा इस्तेमाल करने को कहा गया है।
- शिक्षा मंत्रालय ने मार्च महीने में ही सभी सरकारी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी को बंद करने का आदेश जारी कर दिया था।
ईंधन संकट और विदेशी सहायता पर बांग्लादेश की स्थिति
ईंधन की कमी को पूरा करने के लिए बांग्लादेश अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मदद तलाश रहा है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर रहमान ने हाल ही में अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट से मुलाकात की है। अमेरिका ने बांग्लादेश को भरोसा दिलाया है कि वे इस ऊर्जा संकट से निपटने में उनकी मदद करेंगे। हालांकि, 2 अप्रैल 2026 को ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्रालय ने यह भी कहा कि फिलहाल अप्रैल महीने में ईंधन की कमी का कोई बड़ा खतरा नहीं है और सप्लाई स्थिर बनी हुई है। सरकार अब सोलर पावर यानी सौर ऊर्जा के विस्तार पर भी ध्यान दे रही है ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके।




