बारामती में 28 जनवरी 2026 को हुए Learjet 45 विमान हादसे की जांच अब एक नए चरण में पहुंच गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया है कि विमान का डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर दिल्ली में सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है। हालांकि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर आग की वजह से बुरी तरह खराब हुआ है जिसके लिए विदेशी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। इस घटना ने महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है क्योंकि इसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी।

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हादसे की जांच और ब्लैक बॉक्स को लेकर क्या है ताजा जानकारी

विमान हादसे की जांच कर रही एजेंसी AAIB ने बताया है कि जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से की जा रही है। हादसे की तकनीकी जानकारी जुटाने के लिए ब्लैक बॉक्स के दोनों हिस्सों की जांच अहम है। जांच की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • DFDR स्टेटस: विमान के डेटा रिकॉर्डर से पूरी जानकारी दिल्ली की लैब में निकाल ली गई है।
  • CVR की स्थिति: कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर अधिक गर्मी और आग के कारण झुलस गया है। इसके डेटा के लिए अमेरिका की कंपनी Honeywell से संपर्क किया गया है।
  • जांच रिपोर्ट: अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक हादसे के 30 दिनों के भीतर यानी 27 फरवरी तक शुरुआती रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

पवार परिवार की मांग और सरकार का बड़ा फैसला

अजित पवार के बेटे जय पवार ने ब्लैक बॉक्स के खराब होने पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि विमान के रिकॉर्डर इतने मजबूत होते हैं कि वे आसानी से नष्ट नहीं हो सकते। इसी बीच अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर इस पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग रखी है। परिवार को इसमें किसी बड़ी लापरवाही या साजिश का अंदेशा है। सरकार ने भी इस हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं।

कार्रवाई का प्रकार विवरण
ऑपरेटर का ऑडिट VSR Ventures का विशेष ऑडिट 4 फरवरी से शुरू किया गया है।
सेक्टर ऑडिट वीआईपी मूवमेंट से जुड़े 14 बड़े ऑपरेटरों की जांच 25 फरवरी तक पूरी होगी।
हवाई पट्टी की जांच देश के 400 से अधिक अनियंत्रित हवाई पट्टियों की सुरक्षा की समीक्षा होगी।

नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने लोगों से अपील की है कि वे जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अटकलों से बचें। मंत्रालय का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी और सभी सुरक्षा पहलुओं की गहराई से जांच होगी। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बारामती हवाई पट्टी पर आधुनिक नेविगेशन सुविधाओं की कमी भी हादसे का एक कारण हो सकती है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.