बिहार में है ज़मीन के दाखिल ख़ारिज का बदला अवधि

बिहार वासियों के लिए जमीन की रजिस्ट्री से बड़ा समस्या जमीन का दाखिल खारिज कराना है,  इस समस्या से निपटारा दिलाने के लिए बिहार सरकार भी पुरज़ोर प्रयास कर रहा है,  दाखिल खारिज अवधि के अलावा अगले 2 महीने के भीतर एक कॉल सेंटर को भी कार्यरत करने की योजना पर कार्य किया जा रहा है,  इस कॉल सेंटर में कोई भी व्यक्ति राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके म्यूटेशन अतिक्रमण जमाबंदी से संबंधित शिकायतें अथवा सुधार के लिए सुझाव ले सकेगा।

सामान्य एवं विवादित ज़मीन के लिए अलग अलग अवधि तय

बीते दिन बिहार राज्य के भूमि एवं सुधार विभाग के अधिकारियों ने  जरूरी जानकारी जारी करते हुए बताया कि दाखिल खारिज से संबंधित सभी परेशानियों का निपटारा बहुत ही तेजी से किया जा रहा है,  तय अवधि के अनुसार इन दोनों किसी भी जमीन के दाखिल खारिज होने में 35 दिन का समय लग रहा है यह अवधि सामान्य जमीन के लिए है एवं विवादित जमीन के लिए यह अवधि 75 दोनों का किया गया है।

Alok Mehta
Alok Mehta

जल्द जारी होगा कॉल सेंटर का टोल फ्री नंबर

जमीन से संबंधित समस्याओं के निपटारे के लिए जो कॉल सेंटर बनाया जा रहा है उसका टोल फ्री नंबर भी जल्द ही विभाग के द्वारा जनता के लिए जारी कर दिया जाएगा विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार बिहार में कुछ विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की बहाली की जानी है जिसमें कुल 101 कर्मियों की बहाली होगी इसका मुख्य मकसद भूमि सर्वेक्षण के कार्य को तेजी से पूरा करने का है।

बिहार के 20 जिलो में चल रहा भूमि सर्वेक्षण का कार्य

ज्ञात है कि बिहार में इन दिनों लगभग 20 जिलों में भूमि सर्वेक्षण किया जा रहा है अनुमान के मुताबिक मार्च 2024 तक बिहार के करीब 5000 गांव में भूमि सर्वेक्षण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

भूमिहीन परिवारों के लिए बसेरा 1 का काम पूरा अब मिलेगा ज़मीन

एक मुख्य जानकारी यह भी मिली है कि इस साल के वित्तीय वर्ष में  लगभग 24000 भूमिहीन परिवारों को बसेरा एक योजना के तहत घर बनाने के लिए जमीन का आवंटन कर दिया जाएगा,  यह आवंटन सर्वेक्षण के द्वारा किया जा रहा है,  पहला पेज का सर्वेक्षण एवं आवंटन पूरा होने के बाद दूसरे फेज में सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर भूमिहीनों को भूमि प्रदान करना है।

बिहार के इन जेलो में सबसे अधिक दाखिल ख़ारिज का मामला, जल्द निपटने का आदेश

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार बिहार के गया एरिया मुजफ्फरपुर एवं पटना जिले में सबसे अधिक दाखिल खारिज का मामला  पेंडिंग में देखा जा रहा है,  विभाग के द्वारा सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वह जल्द से जल्द इन जिलों में पहुंचकर संबंधित सभी मामलों को जल्द से जल्द निपटारा करें।