बिहार : बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा ली गई शिक्षक भर्ती परीक्षा में पहले डोमिसाइल नीति लागू करने को लेकर खूब बवाल हुआ था। रिजल्ट आने के बाद भी कई अभ्यर्थी औ छात्र नेताओं ने सवाल उठाया कि बिहार सरकार ने बाहर के राज्य के अभ्यर्थियों को नौकरी दे दी। इनके कई बहुराष्ट्रीय कंपनी और एनआरआई भी हैं। अब बिहार सरकार ने इस मामले में अपना पीठ भी खुद ही थपथपा रही है।

Vacancy will come by the end of July for the recruitment of 80 thousand teachers in Bihar | बिहार में शिक्षकों के 80 हजार पदों पर भर्ती के लिए जुलाई के अंत

बिहार सरकार की ओर से एक पत्र जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि बिहार में 18 साल की मेहनत से जो माहौल बदला है, उसकी छवि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर काफी बेहतर हुई है। यही कारण है कि दूर-दराज के के लोग बिहार आकर विद्यालय अध्यापक के पद पर योगदान कर रहे हैं। इतनी भारी संख्या में जो टैलेंट पोल हमारे विद्यालयों को प्राप्त हुआ, उसे पूरी तरह इस्तेमाल करना हमारी प्राथमिकता होगी।

बिहार शिक्षक भर्ती: दूसरे चरण में आएगी हजारों बहाली, बची रिक्तियां जुड़ेंगी, जानिए कब निकलेगा विज्ञापन... - समस्तीपुर Town

बहुराष्ट्रीय कंपनियों के भी कई अभ्यर्थियों ने विद्यालय अध्यापक पर योगदान दिया
बिहार सरकार ने कहा कि शिक्षक भर्ती परीक्षा कुल उत्तीर्ण अभ्यर्थियों में 88 प्रतिशत बिहार से हैं और 12 प्रतिशत अन्य राज्यों से हैं। यह देखकर प्रसन्नता होती है कि बिहार में नौकरी पाने के लिए लोग केरल, कर्नाटक, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, झारखंड, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, दिल्ली एवं प. बंगाल से भी योगदान करने आए हैं।