Black Sea में तुर्की के तेल टैंकर पर ड्रोन हमला, 27 क्रू मेंबर्स की जान बाल-बाल बची
ब्लैक सी (Black Sea) में इस्तांबुल के पास एक तुर्की कंपनी द्वारा संचालित कच्चे तेल के टैंकर ‘Altura’ पर ड्रोन से हमला किया गया है। तुर्की के परिवहन मंत्री Abdulkadir Uraloğlu ने इस हमले की जानकारी दी है। यह घटना गुरुवार, 26 मार्च 2026 को आधी रात के करीब 12:30 बजे हुई। राहत की बात यह है कि जहाज पर मौजूद सभी 27 क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
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हमले के बाद जहाज की स्थिति क्या है?
तुर्की के अधिकारियों के अनुसार इस हमले में जहाज के ऊपरी हिस्से और इंजन रूम को काफी नुकसान पहुँचा है। तकनीकी टीमों ने जांच में पाया कि इंजन रूम को जानबूझकर निशाना बनाया गया था ताकि जहाज आगे न बढ़ सके। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह धमाका बाहरी हस्तक्षेप की वजह से हुआ है। हमले के बाद जहाज में पानी भरने की भी शिकायत मिली है जिसे ठीक करने के लिए एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर काम कर रही है। सरकार अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि यह हमला पानी के नीचे से किया गया था या नहीं।
जहाज और घटना से जुड़े मुख्य तथ्य
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| जहाज का नाम | Altura (M/T Altura) |
| क्रू मेंबर्स | 27 (सभी सुरक्षित) |
| तेल की मात्रा | 1,40,000 टन कच्चा तेल |
| हमले का साधन | ड्रोन (UAV) और समुद्री ड्रोन (USV) |
| लोकेशन | बोस्फोरस जलडमरूमध्य से 15 मील दूर |
यह टैंकर रूस के Novorossiysk पोर्ट से रवाना हुआ था और इसमें लगभग 10 लाख बैरल कच्चा तेल मौजूद है। खास बात यह है कि इस जहाज पर यूरोपीय संघ (EU) और ब्रिटेन ने पहले से ही प्रतिबंध लगा रखे हैं और इसे ‘Shadow Fleet’ का हिस्सा माना जाता है। हमले के तुरंत बाद तुर्की की तटीय सुरक्षा टीम और कोस्ट गार्ड ने Rescue 11 और Nene Hatun जैसे जहाजों को मदद के लिए भेजा। फिलहाल किसी भी देश या संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।




