Middle East में सुरक्षा के लिए ब्रिटेन का बड़ा फैसला, ईरान के हमलों को रोकने के लिए भेजेगा हजारों इंटरसेप्टर ड्रोन
ब्रिटेन मिडिल ईस्ट में सुरक्षा मजबूत करने के लिए हजारों इंटरसेप्टर ड्रोन भेजने पर विचार कर रहा है। 14 मार्च 2026 को आई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ईरान से जुड़े ड्रोन हमलों को रोकने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। हाल ही में 13 मार्च को सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कुछ ही घंटों के भीतर 50 ड्रोन मार गिराए थे। इसके बाद से ही खाड़ी देशों में ब्रिटेन की इस नई रक्षा तकनीक की मांग काफी बढ़ गई है।
ब्रिटेन के इस नए ड्रोन की खासियत और कीमत क्या है?
ब्रिटेन जिन इंटरसेप्टर ड्रोन को मिडिल ईस्ट भेजने की तैयारी कर रहा है, वे काफी सस्ते और असरदार हैं। इन ड्रोन्स को खास तौर पर हवा में ही दूसरे ड्रोन को खत्म करने के लिए बनाया गया है। अब तक खाड़ी देशों को सस्ते ड्रोन गिराने के लिए लाखों रुपये के महंगे मिसाइल का इस्तेमाल करना पड़ता था।
- एक नए इंटरसेप्टर ड्रोन की कीमत 2,000 से 2,500 डॉलर के बीच है।
- ईरान के शाहेद ड्रोन की कीमत 20,000 से 50,000 डॉलर तक होती है, जिससे मुकाबला करना अब सस्ता हो जाएगा।
- इन ड्रोन्स में यूक्रेन की ‘Sting’ और ‘P1-SUN’ तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ किया है कि ब्रिटेन के एक्सपर्ट और यूक्रेन के जानकार मिलकर खाड़ी देशों की सुरक्षा में मदद करेंगे।
सऊदी अरब और खाड़ी देशों को इससे क्या फायदा होगा?
इस फैसले से सऊदी अरब, कतर और अन्य खाड़ी देशों को बड़ी राहत मिलेगी। ड्रोन हमलों का सीधा असर आम जनता और वहां काम करने वाले लाखों भारतीय और अन्य प्रवासियों पर पड़ता है। कुवैत एयरपोर्ट, दुबई और बहरीन के होटलों जैसे प्रमुख नागरिक क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए यह तकनीक बहुत काम आएगी।
ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने बताया कि हमलावर अब रडार से बचने के लिए काफी नीचे ड्रोन उड़ा रहे हैं। इससे निपटने के लिए ब्रिटेन की 12वीं रेजिमेंट रॉयल आर्टिलरी के एक्सपर्ट जॉर्डन, इराक और साइप्रस में पहले से ही तैनात किए गए हैं। ये एक्सपर्ट खाड़ी देशों की सेना को ड्रोन की पहचान करने और उन्हें समय रहते मार गिराने की ट्रेनिंग देंगे।




