Budget 2026: एक्सीडेंट क्लेम पर टैक्स हटाया, निर्मला सीतारमण ने गाड़ी वालों के लिए किए ये बड़े ऐलान
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने 1 फरवरी 2026 को संसद में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इस बजट में ऑटोमोबाइल सेक्टर और आम गाड़ी मालिकों के लिए कुछ राहत भरी खबरें हैं, तो कुछ मोर्चों पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। सरकार ने सड़क हादसों के मुआवजे से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए फंड जारी किया है।
एक्सीडेंट क्लेम और टैक्स पर क्या है नया नियम?
सड़क दुर्घटना के मामलों में पीड़ितों के लिए यह बजट एक बड़ी राहत लेकर आया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि Motor Accident Claim Tribunal (MACT) द्वारा दिए जाने वाले मुआवजे पर मिलने वाला ब्याज अब पूरी तरह से टैक्स-फ्री होगा। पहले इस ब्याज को कमाई का हिस्सा माना जाता था और इस पर TDS काटा जाता था।
इस फैसले का सीधा फायदा दुर्घटना पीड़ितों और उनके परिवारों को होगा, क्योंकि अब उन्हें ब्याज की पूरी रकम बिना किसी कटौती के मिलेगी। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष या तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। सरकार का यह कदम परिवारों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए उठाया गया है।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्या अपडेट है?
सरकार ने प्रदूषण कम करने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए अपनी योजनाओं को जारी रखा है। PM E-DRIVE योजना के तहत इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने पर जोर दिया गया है।
- बजट आवंटन: सरकार ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ₹2,000 करोड़ मंजूर किए हैं।
- लोकेशन: ये चार्जिंग स्टेशन अस्पताल, मेट्रो स्टेशन और हाईवे जैसी जगहों पर लगाए जाएंगे।
- समय सीमा: यह योजना 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी।
- वेयरहाउसिंग: ऑटो पार्ट्स को स्टोर करने के लिए ‘सेफ हार्बर’ नियम लाए गए हैं, जिससे विदेशी कंपनियों को आसानी होगी।
- कस्टम ड्यूटी: विमानों के पुर्जों और ट्रेनिंग के सामान पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है।
क्या सस्ती होंगी कार और बाइक?
बजट में पेट्रोल या डीजल गाड़ियों की कीमतों को कम करने के लिए कोई अलग से घोषणा नहीं की गई है। गाड़ियों पर लगने वाले GST में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। छोटी कारों पर 18% और बड़ी लग्जरी गाड़ियों पर 40% टैक्स पहले की तरह ही लागू रहेगा।
बाजार में हाल ही में कंपनियों ने गाड़ियों के दाम ₹50,000 से ₹1,30,000 तक बढ़ा दिए हैं क्योंकि उत्पादन लागत बढ़ गई है। ऑटो इंडस्ट्री को उम्मीद थी कि EV पार्ट्स पर टैक्स कम होगा, लेकिन वित्त मंत्री ने इस बार इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं पर ज्यादा ध्यान दिया है। इसलिए शोरूम में गाड़ियों के दाम में फिलहाल कोई सरकारी कटौती देखने को नहीं मिलेगी।





