Canada Govt Decision: कनाडा का बड़ा फैसला, ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका का साथ देने से किया इनकार
कनाडा ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि वह ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा। ब्लूमबर्ग की 17 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा के प्रधानमंत्री Mark Carney और रक्षा मंत्री David McGuinty ने स्पष्ट किया है कि उनसे इस हमले के लिए न तो कोई सलाह ली गई और न ही वे इसका हिस्सा बनेंगे। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump अपने सहयोगियों पर Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने का दबाव बना रहे हैं।
कनाडा सरकार का आधिकारिक रुख क्या है?
कनाडा सरकार ने साफ कर दिया है कि उनका ध्यान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए कूटनीति और प्रतिबंधों पर रहेगा, न कि सीधे तौर पर सैन्य हस्तक्षेप पर। रक्षा मंत्री McGuinty ने अपने बयान में कहा कि कनाडा ने अब तक इस युद्ध में हिस्सा नहीं लिया है और आगे भी हिस्सा नहीं लेगा। इसके साथ ही प्रधानमंत्री Carney ने अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए शुरुआती हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है। उनका मानना है कि सभी देशों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना चाहिए।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और नया आदेश
इस समय मिडिल ईस्ट में हालात काफी खराब हो चुके हैं। इजराइल द्वारा ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani को मारने के बाद, ईरान ने UAE पर जवाबी हमले किए हैं। इन सब को देखते हुए कनाडा ने फ्रांस, जर्मनी, इटली और यूके के साथ मिलकर इजराइल को चेतावनी दी है कि किसी भी बड़े जमीनी हमले के गंभीर मानवीय परिणाम होंगे। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कुछ सख्त कदम उठाए हैं।
- कनाडा ने अपने नागरिकों के लिए नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है।
- लोगों को Iran, Iraq, Israel, Lebanon और अन्य मिडिल ईस्ट देशों की यात्रा न करने की सलाह दी गई है।
- अमेरिका के कहने के बावजूद Strait of Hormuz में सैन्य गठबंधन का हिस्सा बनने से भी कनाडा ने पूरी तरह से इनकार कर दिया है।




