China vs USA: ईरान को सैन्य मदद के आरोप पर अमेरिका ने दी टैरिफ की धमकी, चीन ने कहा अब होगी जवाबी कार्रवाई
चीन और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। अमेरिका ने दावा किया है कि चीन ईरान को सैन्य हथियार भेज रहा है, जिसके बाद चीन ने कड़ा रुख अपनाया है। चीन ने साफ कहा है कि अगर अमेरिका ने इन आरोपों के आधार पर टैरिफ बढ़ाया, तो वह चुप नहीं बैठेगा और जवाबी कदम उठाएगा।
अमेरिका और चीन के बीच विवाद की असली वजह क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 12 अप्रैल 2026 को फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर चीन ईरान को कंधे से दागे जाने वाले एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल (MANPADS) या नई हवाई रक्षा प्रणाली देता है, तो चीनी सामानों पर 50% का भारी टैरिफ लगाया जाएगा। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में भी दावा किया गया है कि चीन जल्द ही ईरान को नया डिफेंस सिस्टम भेजने की तैयारी में है।
चीन ने अमेरिका की धमकी पर क्या जवाब दिया?
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने 14 अप्रैल 2026 को इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया। उन्होंने कहा कि चीन सैन्य उत्पादों के निर्यात के मामले में हमेशा जिम्मेदार रहता है और अंतरराष्ट्रीय नियमों का सख्ती से पालन करता है। चीन ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने टैरिफ बढ़ाने की कोशिश की, तो चीन अपने अधिकारों की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करेगा।
इस पूरे विवाद की मुख्य बातें
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अमेरिकी धमकी | चीनी सामानों पर 50% टैरिफ लगाने की चेतावनी |
| चीन का दावा | ईरान को सैन्य मदद के आरोप बेबुनियाद और झूठे हैं |
| बयान की तारीख | 14 अप्रैल 2026 को चीन का आधिकारिक जवाब आया |
| विवाद का कारण | ईरान को मिसाइल और एयर डिफेंस देने का आरोप |
| चीन का रुख | टैरिफ बढ़ाने पर जवाबी कदम (Countermeasures) उठाने की चेतावनी |




