West Asia Conflict: कच्चे तेल के दाम में 25% का भारी उछाल, 116 डॉलर के पार पहुंचा Brent Crude, 150 डॉलर तक जाने की चेतावनी

Praggya Singh sabal9 March 20262 min read22 viewsFinance

सोमवार 9 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल दर्ज किया गया। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण Brent Crude के दाम 25 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 116.5 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। यह जून 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। बाजार के जानकारों ने चेतावनी दी है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो कच्चे तेल का भाव 150 डॉलर तक जा सकता है जिसका सीधा असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

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पश्चिम एशिया में क्यों गहराया संकट और तेल का बाजार

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ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण यह संकट पैदा हुआ है। इस तनाव की वजह से Strait of Hormuz से होने वाला समुद्री व्यापार लगभग रुक गया है। आपको बता दें कि दुनिया का करीब 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है। सुरक्षा कारणों और बीमा रद्द होने के चलते टैंकरों की आवाजाही बंद हो गई है। इसके साथ ही इराक में तेल उत्पादन 70 प्रतिशत तक गिर गया है और कुवैत-कतर ने भी अपना उत्पादन घटा दिया है। नीचे दी गई टेबल में आप आज के कच्चे तेल के भाव देख सकते हैं।

क्रूड ऑयल का प्रकार कीमत (प्रति बैरल) कितनी बढ़ोतरी हुई
Brent Crude USD 116.5 25 प्रतिशत
WTI Crude USD 116.11 21.7 प्रतिशत

आम आदमी और शेयर बाजार पर क्या होगा असर

कच्चे तेल के महंगे होने का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। भारत जैसे देशों पर इसका असर ज्यादा होता है क्योंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है। बैंकिंग विशेषज्ञ अजय बग्गा ने बताया कि बाजार में डर का माहौल है और दुनिया में तेल की 20 प्रतिशत कमी होने का अनुमान है। अगर ब्रेंट क्रूड 150 डॉलर तक जाता है तो ग्लोबल मार्केट में भारी महंगाई देखने को मिलेगी। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं और ट्रांसपोर्टेशन महंगा हो सकता है।

शेयर बाजार में भी इस खबर से भारी गिरावट देखी जा रही है। टोक्यो का निक्केई 225 इंडेक्स 7 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुका है। अमेरिका में भी पेट्रोल के दाम बढ़कर 3.45 डॉलर प्रति गैलन हो गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह स्थिति बाजार को भारी नुकसान पहुंचा सकती है और केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाने पर मजबूर कर सकती है।

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