राजधानी दिल्ली में मौसम ने करवट ले ली है और ठंड का प्रकोप अब साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है। कड़ाके की ठंड ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। उत्तर-पश्चिमी दिशा से आ रही ठंडी हवाओं ने दिल्ली-एनसीआर में ठिठुरन बढ़ा दी है, जिसके चलते तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम के मिजाज को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है कि अगले दो दिनों तक दिल्लीवासियों को सुबह के समय घने कोहरे का सामना करना पड़ सकता है और कई इलाकों में शीतलहर जैसी स्थिति बनी रहेगी।
सीजन की सबसे ठंडी सुबह: पालम में पारा 5.8 डिग्री तक लुढ़का, रिज इलाके में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज
ठंड के इस बढ़ते असर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दिल्ली के पालम क्षेत्र में न्यूनतम तापमान गिरकर 5.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इसे इस सीजन का अब तक का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। वहीं, रिज इलाके में भी ठंड का असर दिखा, जहां तापमान 7.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न केवल रात का तापमान, बल्कि दिन के समय का अधिकतम तापमान भी सामान्य से नीचे बना हुआ है, जिससे दिन में भी लोगों को ठंड का अहसास हो रहा है।
घने कोहरे के चलते सड़कों पर थमी वाहनों की रफ्तार, हवा में नमी और गिरते तापमान से अभी राहत मिलने के आसार नहीं
तापमान में गिरावट के साथ-साथ कोहरे ने भी दिल्ली की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सुबह के समय विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम रहने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं और कई जगहों पर यातायात की गति बेहद धीमी देखी गई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि हवा में मौजूद नमी और लगातार गिरते तापमान के कारण आने वाले दिनों में भी कोहरे का यह असर बदस्तूर जारी रह सकता है, जिससे सुबह के वक्त आवागमन में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ा ठंड का असर: मॉर्निंग वॉकर्स और मजदूरों की बढ़ी मुश्किलें, डॉक्टरों ने जारी की हेल्थ एडवाइजरी
बढ़ती ठंड ने लोगों की दिनचर्या को भी बदल कर रख दिया है। कड़ाके की सर्दी के कारण लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए हैं। इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर देखा गया जो सुबह सैर (मॉर्निंग वॉक) के लिए निकलते हैं या वे दिहाड़ी मजदूर जिन्हें काम के लिए अलसुबह घर छोड़ना पड़ता है। ठंड के प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम के वक्त घर से बाहर निकलने से बचने की हिदायत दी है।





