नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने हवाई सफर को सुरक्षित बनाने के लिए पायलटों और केबिन क्रू पर नकेल कस दी है। 9 फरवरी 2026 से लागू हुए नए नियमों के तहत अब ब्रेथ एनालाइजर (BA) टेस्ट में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ेगी। शराब के नशे में विमान उड़ाने की कोशिश करने वाले पायलटों का लाइसेंस अब हमेशा के लिए रद्द हो सकता है। यह फैसला यात्रियों की सुरक्षा और पिछले साल हुई कार्रवाई को देखते हुए लिया गया है।

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नियम तोड़ने पर कितनी सख्त होगी सजा?

DGCA ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। नए नियमों के मुताबिक सजा का प्रावधान काफी कड़ा कर दिया गया है, जिसे हर पायलट को जानना जरूरी है:

  • तीन बार गलती पर लाइसेंस रद्द: अगर कोई भारतीय पायलट तीन बार अलग-अलग मौकों पर अल्कोहल टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसका लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द (Permanent Cancellation) कर दिया जाएगा।
  • विदेशी पायलटों पर सीधी कार्रवाई: विदेशी पायलट (FATA) जो भारत में विमान उड़ाते हैं, अगर प्री-फ्लाइट टेस्ट में एक बार भी पॉजिटिव पाए जाते हैं, तो उनका परमिट तुरंत और हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा।
  • दूसरी गलती पर निलंबन: अगर कोई दूसरी बार पॉजिटिव आता है या एक बार पॉजिटिव आने के बाद दूसरा टेस्ट छोड़ देता है, तो उसका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा।
  • पोस्ट-फ्लाइट नियम: उड़ान के बाद टेस्ट में पॉजिटिव आने और टेस्ट मिस करने पर 3 साल के लिए लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा।

कैमरे की निगरानी और नई तकनीक का इस्तेमाल

अब सिर्फ टेस्ट करना ही काफी नहीं होगा, बल्कि एयरलाइंस को इसकी रिकॉर्डिंग भी रखनी होगी। अधिकारियों का कहना है कि खून में अल्कोहल की मात्रा शून्य होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि पायलट उड़ान भरने के लिए फिट है, क्योंकि ‘हैंगओवर’ का असर बाद तक रहता है जो दिमाग और शरीर की क्षमता को कम कर देता है।

  • सटीक मशीनें: अब पुराने उपकरणों की जगह ‘फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी’ वाले ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल जरूरी कर दिया गया है जो ज्यादा सटीक नतीजे देते हैं।
  • रिकॉर्डिंग जरूरी: सभी BA टेस्ट कैमरे के सामने होंगे और एयरलाइंस को यह फुटेज 6 महीने तक संभालकर रखनी होगी ताकि बाद में जांच की जा सके।
  • काउंसलिंग: अगर किसी क्रू मेंबर के टेस्ट में अल्कोहल की बहुत कम मात्रा (0.009% तक) भी मिलती है, तो पहली बार में उसे ड्यूटी से हटाकर काउंसलिंग के लिए भेजा जाएगा।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.