नई दिल्ली. चंद्रयान -3 की सफलता के साथ अब इसरो की टीम की कई हस्तियों के नाम सामने आ रहे हैं जो छोटे से परिवार से निकलकर इस महान मुकाम का हिस्सा बने. कई ऐसे वैज्ञानिक हैं जो सामान्य परिवारों और मुश्किल हालातों के बीच इसरो पहुंचे थे. इन्हीं में से एक इसरो टीम का हिस्सा रहीं 25 वर्षीय दिशी कटियार (Dishi Katiyar ISRO) ने भी अपने माता-पिता को गौरवान्वित किया है.

चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल (एलएम) के बुधवार शाम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरने के बाद से ही उनकी तारीफों की बाढ़ आ गई है. दिशी कटियार आईएसटीआरएसी (इसरो टेलीमेट्री ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क) टीम का हिस्सा थीं, जिसने चंद्रयान -3 मिशन में शामिल इसरो टीम की मदद की थी. उनके पिता एक रेलवे अधिकारी हैं और मां एक शिक्षक हैं. दिशी के बारे में बात करते हुए, उसके पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने एनआईटी, दुर्गापुर जाने से पहले संगम शहर में 12 वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की.

पिता ने की इसरो वैज्ञानिकों की सराहना
रेलवे अधिकारी ने चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के लिए देश के वैज्ञानिकों की सराहना की. दिशी ने एनआईटी, दुर्गापुर से बीटेक (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग) किया और 2022 में इसरो, बेंगलुरु में शामिल हुईं.

गौरतलब है कि ऐसे कई वैज्ञानिक हैं जो सामान्य परिवारों से निकलकर इसरो पहुंचे. इन वैज्ञानिकों का चंद्रयान 3 की सफलता में भी अहम रोल रहा है. चंद्रयान मिशन के कई तकनीकी पार्ट रहे हैं और इसमें भारत के कई राज्यों से निकल पहुंचे अंतरिक्ष विज्ञानी शामिल रहे.

 

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