अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने Operation Epic Fury के तहत ईरान पर चल रहे सैन्य अभियान को लेकर एक अहम जानकारी दी है। SaudiNews50 और आधिकारिक रिपोर्ट्स के अनुसार 11 मार्च 2026 को Trump ने कहा कि ईरान में अब निशाना बनाने के लिए कुछ खास नहीं बचा है और यह ऑपरेशन जल्द ही खत्म हो सकता है। इस फैसले से सऊदी अरब, कतर और UAE में रहने वाले लाखों प्रवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है क्योंकि गल्फ देशों पर होने वाले हमलों में 90% तक की गिरावट दर्ज की गई है।

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गल्फ देशों और प्रवासियों पर क्या असर हो रहा है?

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस तनाव का सीधा असर गल्फ देशों में काम कर रहे भारतीय प्रवासियों और आम नागरिकों पर पड़ता है। US Central Command (CENTCOM) के ताजा आंकड़ों के अनुसार जब से यह संघर्ष शुरू हुआ है, तब से गल्फ देशों की तरफ आने वाले ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों में 80 से 90 प्रतिशत की कमी आई है।

हालांकि सऊदी अरब की सेना अभी भी पूरी तरह से अलर्ट पर है क्योंकि उनके पूर्वी तेल ठिकानों पर कुछ हमले देखे गए थे। सऊदी, UAE और कतर की सरकारों ने आम नागरिकों और प्रवासियों को आधिकारिक चैनलों से जुड़े रहने की सलाह दी है। Strait of Hormuz में एक कार्गो जहाज पर हमले के बाद अमेरिका इस समुद्री रास्ते को कमर्शियल जहाजों के लिए सुरक्षित करने पर पूरा जोर दे रहा है ताकि सप्लाई चैन में कोई दिक्कत ना आए।

ऑपरेशन से जुड़े कुछ जरूरी आंकड़े और अपडेट

इस सैन्य अभियान के दौरान रक्षा मंत्रालय और आधिकारिक सूत्रों से कई अहम आंकड़े सामने आए हैं जिसे नीचे टेबल में दिया गया है:

विवरण जानकारी
ऑपरेशन शुरू होने की तारीख 28 फरवरी 2026
वर्तमान अपडेट 11 मार्च 2026
हथियारों का खर्च (शुरुआती 48 घंटे) लगभग 5.6 बिलियन डॉलर
ईरान के बचे हुए मिसाइल करीब 1500 और 160 एक्टिव लॉन्चर
गल्फ देशों पर हमलों में कमी 80 से 90 प्रतिशत तक

एक तरफ अमेरिका इस ऑपरेशन को जल्द खत्म करने की बात कर रहा है, वहीं इजराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने स्पष्ट किया है कि उनका अभियान लक्ष्य पूरा होने तक चलेगा। इसके अलावा अमेरिका अपने हथियारों के भंडार को पूरा करने के लिए उत्पादन को चार गुना बढ़ाने के लिए कंपनियों के साथ काम कर रहा है।