लेबनान और कतर से वापस लौटे सैकड़ों भारतीय, एंबेसी ने जारी किया अलर्ट और हेल्पलाइन नंबर
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच लेबनान और कतर से भारतीय नागरिकों की वापसी शुरू हो गई है। बुधवार 11 मार्च 2026 को लेबनान से 177 भारतीयों का पहला जत्था सुरक्षित नई दिल्ली पहुंच गया। वहीं दूसरी तरफ कतर से भी 500 से ज्यादा भारतीय अपने देश लौट आए हैं। वहां मौजूद भारतीय दूतावास लगातार लोगों की मदद कर रहा है और सुरक्षित वापसी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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लेबनान से वापसी की जानकारी
लेबनान की राजधानी बेरूत से 177 भारतीयों को एक चार्टर फ्लाइट के जरिए नई दिल्ली लाया गया है। यह फ्लाइट इन कर्मचारियों की कंपनी की तरफ से बुक की गई थी। बेरूत के रफीक हरीरी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भारत के राजदूत नूर रहमान शेख खुद मौजूद रहे और लोगों को सुरक्षित रवाना किया। एंबेसी ने जानकारी दी है कि वह हर भारतीय नागरिक को सुरक्षित निकालने के लिए प्रतिबद्ध है और वहां के हालात पर नजर बनाए हुए है।
कतर से भी वापस लौट रहे लोग
कतर से भी बड़ी संख्या में लोग वापस आ रहे हैं। 11 मार्च को 500 से अधिक भारतीय कतर छोड़कर वापस आए हैं। पिछले तीन दिनों में करीब 1,000 भारतीय लौट चुके हैं। कतर एयरवेज के जरिए लोग नई दिल्ली, मुंबई और कोच्चि पहुंच रहे हैं। इसके अलावा 12 मार्च को भी दो और फ्लाइट तय की गई हैं। जो यात्री फंसे हुए हैं, उन्हें सऊदी अरब के रास्ते वापस भेजने के लिए एंबेसी 96 घंटे का ट्रांजिट वीज़ा बनवाने में भी मदद कर रही है।
एंबेसी का अलर्ट और टिकट नियम
कतर में मौजूद भारतीय दूतावास ने नागरिकों को एक सख्त एडवाइजरी जारी की है। लोगों से कहा गया है कि वे किसी भी अज्ञात वस्तु या मलबे के पास ना जाएं। आपात स्थिति के लिए तीन 24/7 हेल्पलाइन और हेल्पडेस्क शुरू किए गए हैं। वहीं भारत सरकार के DGCA और MEA ने एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि इस संकट के समय फ्लाइट टिकट के दाम ना बढ़ाए जाएं। जिन यात्रियों के पास पहले से उसी एयरलाइन का टिकट है, उनसे वापसी की फ्लाइट के लिए कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाएगा।




