ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान, अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्ध विराम शुरू, कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच दो हफ्ते के युद्ध विराम का आधिकारिक ऐलान किया है। 7 अप्रैल 2026 को जारी इस बयान में कहा गया कि अमेरिकी सेना ने अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को पूरा कर लिया है और अब बातचीत का समय है। इस फैसले के पीछे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की मध्यस्थता की भी बड़ी भूमिका रही है जिन्होंने ट्रंप से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की थी। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 8 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
युद्ध विराम के लिए क्या शर्तें रखी गई हैं?
ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह युद्ध विराम तभी तक प्रभावी रहेगा जब तक ईरान Strait of Hormuz यानी हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह और सुरक्षित तरीके से खोलने के लिए सहमत रहता है। इससे पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर तय समय तक समुद्री रास्ता नहीं खुला तो ईरान के बिजली घरों और पुलों को तबाह कर दिया जाएगा। फिलहाल अमेरिकी सेना और ईरान दोनों पक्षों की ओर से हमलों को रोकने की पुष्टि की गई है। इस फैसले से खाड़ी क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा फिलहाल टल गया है।
प्रवासियों और व्यापार पर इस फैसले का क्या असर होगा?
खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और वहां काम करने वाले लोगों के लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने से खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता आएगी और समुद्री व्यापार सुरक्षित होगा। इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- Strait of Hormuz खुलने से जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो सकेगी।
- कच्चे तेल के दाम गिरने से भारत सहित कई देशों में तेल की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।
- संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक संगठनों ने नागरिक ठिकानों को निशाना न बनाने की अपील की थी।
- ईरान में फंसे हुए विदेशी नागरिकों और पत्रकारों की सुरक्षा के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है।
- इजरायल और ईरान के बीच पिछले 24 घंटों में कई मिसाइल और ड्रोन हमले भी देखे गए थे।
क्षेत्रीय सुरक्षा और हालिया सैन्य कार्रवाई
युद्ध विराम से ठीक पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान के रेलवे नेटवर्क और सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। दूसरी तरफ ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई में मिसाइलें दागी गई थीं। हालांकि अब ट्रंप के आधिकारिक बयान के बाद दोनों तरफ से गोलाबारी रुकने की उम्मीद जताई गई है। पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद ईरान ने भी सकारात्मक रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए हवाई यात्रा और समुद्री कार्गो सेवाएं अब पहले से अधिक सुरक्षित महसूस की जा रही हैं।




