अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब खत्म होने के बहुत करीब है. उन्होंने FOX Business को दिए एक इंटरव्यू में यह बात कही. अब उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता इसी हफ्ते फिर से शुरू हो सकती है, जिससे मध्य पूर्व के हालात सुधर सकते हैं.
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कब और कहां होगी?
Donald Trump ने बताया कि शांति वार्ता अगले दो दिनों में फिर से शुरू हो सकती है. इस बैठक के लिए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में स्थित सेरेना होटल को संभावित जगह माना जा रहा है, जहां पहले भी मुलाकात हुई थी. हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि बातचीत की जगह बदलकर यूरोप भी की जा सकती है. इस राजनयिक समाधान को खोजने के लिए जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर को जिम्मेदारी सौंपी गई है.
होरमुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और चीन को चेतावनी
शांति वार्ता में अनिश्चितता के बीच ट्रंप ने होरमुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी का ऐलान किया है. CENTCOM ने 13 अप्रैल को सुबह 10 बजे से इस नाकेबंदी को लागू किया, जिसके लिए 10,000 से अधिक सैनिक, युद्धपोत और विमान तैनात किए गए हैं. इसके अलावा ट्रंप ने चीन को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान को हथियार भेजने की कोशिश की, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
इज़राइल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत का क्या असर होगा?
दशकों के तनाव के बाद इज़राइल और लेबनान सीधी बातचीत करने पर सहमत हुए हैं. यह ऐतिहासिक चर्चा वाशिंगटन डी.सी. में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की अध्यक्षता में हुई. इस वार्ता के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- लेबनान की मांग: तत्काल युद्धविराम और मानवीय सहायता की अपील की गई है.
- इज़राइल का प्रस्ताव: लेबनान में गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों को निरस्त्र करने और उनके सैन्य ढांचे को खत्म करने का सुझाव दिया है.
- हिजबुल्लाह का रुख: हिजबुल्लाह ने इस पूरी बातचीत का बहिष्कार किया है और इसे व्यर्थ बताया है.
