Donald Trump का बड़ा फैसला, तेल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए अमेरिका उठाएगा कड़े कदम
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने बढ़ते तेल के दामों को नियंत्रित करने के लिए ‘सभी बड़े विकल्पों’ पर विचार करना शुरू कर दिया है। स्टॉक मार्केट खुलते ही कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखा गया, जिसे व्हाइट हाउस ने ‘कम समय’ का संकट बताया है। इस संकट के बीच अमेरिका अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए नौसेना को तैनात कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर तेल की सप्लाई बढ़ाने की कोशिश में है। खाड़ी देशों और भारत के बीच यात्रा करने वालों के लिए भी यह खबर अहम है क्योंकि ईंधन की कीमतों का सीधा असर फ्लाइट के टिकटों पर पड़ता है।
तेल की बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए क्या है सरकार का प्लान?
अमेरिकी सरकार ने तेल के दामों को काबू में करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता Taylor Rogers ने पुष्टि की है कि राष्ट्रपति इस मामले की खुद निगरानी कर रहे हैं और कई प्रस्तावों पर काम चल रहा है।
- Strategic Petroleum Reserve: जरूरत पड़ने पर सुरक्षित भंडार से भारी मात्रा में तेल निकाला जाएगा ताकि मार्केट में कमी न हो।
- Naval Escorts: Strait of Hormuz में तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए अमेरिकी नौसेना को जिम्मेदारी दी गई है।
- Tax Relief: आम जनता को राहत देने के लिए पेट्रोल पर लगने वाले फेडरल टैक्स को हटाने पर विचार हो रहा है।
- Export Rules: देश में सप्लाई बढ़ाने के लिए कच्चे तेल के एक्सपोर्ट पर अस्थायी रोक लगाई जा सकती है।
तेल की कीमतों और मार्केट का ताजा डेटा
9 मार्च 2026 को बाजार खुलते ही कीमतों में जबरदस्त तेजी देखी गई। हालांकि दोपहर तक कीमतों में थोड़ी गिरावट आई, लेकिन पेट्रोल के दाम अभी भी बढ़े हुए हैं। नीचे दिए गए टेबल में आज के भाव देखे जा सकते हैं:
| Oil Type | Peak Price | Current Status |
|---|---|---|
| WTI Crude (U.S.) | $118.70/bbl | $98.10/bbl (approx) |
| Brent Crude (International) | $119.46/bbl | $100.00/bbl |
| US Gasoline Average | $3.25/gallon | 27 cents rise in a week |
आम आदमी और प्रवासियों पर क्या होगा इसका असर?
एनर्जी सेक्रेटरी Chris Wright ने जनता को भरोसा दिलाया है कि यह संकट ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। राष्ट्रपति Trump ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि यह बढ़ी हुई कीमतें ‘वर्ल्ड सेफ्टी’ के लिए एक छोटी सी कीमत हैं। उनके मुताबिक तेल के दाम जल्द ही नीचे गिरेंगे। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तेल के दाम 100 डॉलर के ऊपर बने रहते हैं, तो इससे महंगाई बढ़ेगी। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह चिंता की बात हो सकती है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के किराए बढ़ सकते हैं।




