Donald Trump का बड़ा ऐलान, ईरान ने खाड़ी देशों पर हमला कर की है भारी गलती, अब बिना सरेंडर नहीं होगी बात
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और मौजूदा घटनाक्रम में मुख्य भूमिका निभा रहे Donald Trump ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों (Gulf Countries) पर किए गए हमलों को लेकर कड़ी चेतावनी जारी की है। 6 मार्च 2026 को दिए अपने ताजा बयान में ट्रम्प ने साफ लफ्जों में कहा कि ईरान ने सऊदी अरब और UAE जैसे देशों को निशाना बनाकर एक बहुत बड़ी और ‘जानलेवा गलती’ (Fatal Mistake) कर दी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अब ईरान के पास ‘बिना शर्त सरेंडर’ (Unconditional Surrender) के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।
ट्रम्प ने ईरान के लिए क्या शर्तें रखी हैं?
Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बताया कि खाड़ी देश इस युद्ध में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे, फिर भी उन पर हमला करना ईरान की रणनीति की बहुत बड़ी भूल है। उन्होंने युद्ध को रोकने के लिए कुछ सख्त बातें कही हैं:
- ट्रम्प ने साफ कहा कि अब कोई भी समझौता या डिप्लोमेटिक बातचीत तभी संभव होगी जब ईरान पूरी तरह हथियार डाल देगा।
- उन्होंने ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के चुनाव में दखल देने की बात कही है और मोजतबा खामेनेई को इस पद के लिए अस्वीकार्य बताया है।
- उनका कहना है कि सरेंडर के बाद ही अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान की अर्थव्यवस्था को सुधारने और ‘Make Iran Great Again’ के लिए काम करेंगे।
खाड़ी देशों में रह रहे लोगों और भारतीयों पर इसका असर
इस युद्ध और हमलों का सीधा असर Gulf में रह रहे लाखों कामगारों और प्रवासियों पर भी देखने को मिल रहा है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक UAE ने अपनी ओर आ रहे 100 से ज्यादा ड्रोन और 9 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट किया है।
हालांकि, इन हमलों में 3 लोगों की जान जाने की पुष्टि हुई है जो विदेशी नागरिक थे। सऊदी अरब ने भी अपने एयर बेस की तरफ आ रही तीन मिसाइलों को मार गिराया है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जिससे आने वाले दिनों में महंगाई का असर भारत समेत कई देशों में देखने को मिल सकता है।
समुद्री रास्तों और उड़ानों पर आया संकट
युद्ध के कारण Strait of Hormuz से होने वाली जहाजों की आवाजाही लगभग पूरी तरह ठप हो गई है। बड़ी शिपिंग कंपनियों ने सुरक्षा कारणों से अपनी सेवाएं रोक दी हैं। कुवैत और कतर जैसे देशों में भी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। जो लोग इन दिनों खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले हैं या वहां से भारत आने वाले हैं, उन्हें अपनी उड़ानों के स्टेटस पर लगातार नजर बनाए रखनी चाहिए क्योंकि स्थिति कभी भी बदल सकती है।



