Donald Trump का बड़ा बयान: जब मैं तैयार होऊंगा तभी खत्म होगी ईरान के साथ जंग, कहा परमाणु खतरा अब खत्म
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर एक बड़ा अपडेट दिया है। 20 मार्च 2026 को अपने आधिकारिक बयान में उन्होंने कहा कि वह फिलहाल ईरान के साथ युद्ध विराम नहीं चाहते हैं। ट्रंप का मानना है कि अगर अभी जंग रोक दी गई तो ईरान अगले 10 सालों में फिर से खड़ा हो जाएगा जो अमेरिका के लिए स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने साफ कर दिया कि जंग तभी खत्म होगी जब वह इसके लिए पूरी तरह तैयार होंगे।
🚨: Donald Trump का NATO पर तीखा हमला: ईरान युद्ध में मदद न करने वाले देशों को बताया ‘कायर’।
ट्रंप के इस बड़े बयान की मुख्य बातें क्या हैं?
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य ऑपरेशनों को जमीन पर एक बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी रणनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कही हैं जो नीचे दी गई हैं:
- ट्रंप के अनुसार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की सैन्य जंग जीती जा चुकी है।
- अमेरिका किसी भी हाल में ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा क्योंकि यह उनके लिए रेड लाइन है।
- ट्रंप ने नाटो देशों की आलोचना करते हुए उन्हें डरपोक कहा क्योंकि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में मदद करने से मना कर दिया था।
- ब्रिटेन ने अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल कर ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमला करने की अनुमति दे दी है।
क्या अमेरिका ईरान में अपनी जमीनी सेना उतारने वाला है?
जमीनी सेना यानी Ground Troops को लेकर ट्रंप ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने उन खबरों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें और ज्यादा सेना भेजने की बात कही गई थी। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि राष्ट्रपति ने फिलहाल सेना भेजने का कोई फैसला नहीं लिया है।
| देश | वर्तमान रुख और प्रभाव |
|---|---|
| अमेरिका | जंग जारी रखेगा, जमीनी सेना भेजने पर फैसला अभी नहीं लिया है। |
| ब्रिटेन | अमेरिकी विमानों को अपने बेस से हमला करने की इजाजत दी। |
| स्विट्जरलैंड | हमलों के विरोध में अमेरिका को हथियार निर्यात करने पर रोक लगाई। |
| इरान | अमेरिकी ठिकानों पर हमलों का दावा, नेतृत्व में बड़े संकट की खबर। |
इस बीच अमेरिका में विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन खेमे के अंदर भी इस युद्ध को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की वजह से आने वाले चुनावों पर पड़ने वाले असर को लेकर नेता डरे हुए हैं। ट्रंप ने साफ कहा है कि अब उन्हें नाटो देशों की मदद की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वे सिर्फ तेल की कीमतों की शिकायत करते हैं पर सुरक्षा में साथ नहीं देते।




