Donald Trump on Iran: ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान बातचीत करना चाहता है पर वहां सरकार कौन चला रहा पता नहीं
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के कुछ नेता बातचीत करना चाहते हैं, लेकिन अमेरिका को यह नहीं पता कि असल में ईरान चला कौन रहा है। यह बात SaudiNews50 ने 16 मार्च 2026 को अपनी रिपोर्ट में बताई है। पिछले दो हफ्तों से चल रहे भारी सैन्य हमलों के बाद ईरान के नेतृत्व को लेकर यह बड़ा दावा सामने आया है।
ईरान में नेतृत्व का संकट और बातचीत की कोशिश
‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत 28 फरवरी 2026 से अमेरिका और इजरायली सेना ने ईरान के सैन्य और सुरक्षा ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं। इन हमलों के बाद मार्च की शुरुआत में खबरें आईं कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई या तो मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हैं। उनके संभावित उत्तराधिकारी मोजतबा खामेनेई के भी घायल होने की खबर है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि इस समय ईरान में फैसले लेने का काम मुख्य रूप से IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) कर रहा है। ट्रंप के मुताबिक ईरान लगातार डील करने के लिए संपर्क कर रहा है, लेकिन अभी तक शर्तें अमेरिका के अनुसार सही नहीं हैं।
ईरान के विदेश मंत्री ने किया खंडन
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के दावों को गलत बताया है। उन्होंने 15 मार्च को साफ किया कि ईरान ने कभी भी सीजफायर या बातचीत की मांग नहीं की है। ईरान के विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि उनका देश लंबी रक्षा के लिए तैयार है और अमेरिका का सत्ता बदलने का सपना पूरा नहीं होगा। इस बीच ओमान और मिस्र जैसे देशों ने बातचीत कराने की कोशिश की थी, लेकिन 14 मार्च को ट्रंप प्रशासन ने इसे ठुकरा दिया था।
हमलों का आर्थिक और क्षेत्रीय नुकसान
इस टकराव का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। अमेरिका की नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के अनुसार, मध्य मार्च तक अमेरिका को इन हमलों में 12 बिलियन डॉलर का भारी खर्च आ चुका है। ऊर्जा सप्लाई के लिए अहम रास्ता ‘Strait of Hormuz’ अब पूरी तरह से बंद हो गया है। अमेरिकी नौसेना जल्द ही तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए एस्कॉर्ट अभियान शुरू करेगी। वहीं, लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि इस क्षेत्रीय टकराव में अब तक 826 लोगों की जान जा चुकी है।




