Donald Trump का बड़ा बयान, Strait of Hormuz पर कब्ज़ा कर सकता है अमेरिका, तेल व्यापार पर संकट
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा बयान दिया है जिससे खाड़ी देशों में खलबली मच गई है। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका समुद्री व्यापार को खुला रखने के लिए Strait of Hormuz को अपने नियंत्रण में लेने पर विचार कर रहा है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ 28 फरवरी को शुरू किए गए सैन्य अभियान (Operation Epic Fury) के बीच यह बयान सामने आया है। इस रास्ते से दुनिया भर के लिए तेल की सप्लाई होती है, इसलिए इस फैसले का असर ग्लोबल मार्केट और गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।
Strait of Hormuz को लेकर ट्रम्प ने क्या कहा?
ट्रम्प ने CBS News के एक इंटरव्यू में बताया कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को अपने कब्जे में लेने के बारे में सोच रहे हैं। उनका कहना है कि ईरान के खिलाफ युद्ध काफी हद तक पूरा हो चुका है और अमेरिका तय समय से काफी आगे चल रहा है। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर भी सख्त चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz में तेल का प्रवाह रोका, तो अमेरिका उस पर पहले से 20 गुना ज्यादा ताकत से हमला करेगा। अमेरिका के रक्षा विभाग ने इस रास्ते से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा देने पर भी विचार शुरू कर दिया है।
ईरान और इजरायल की क्या प्रतिक्रिया है?
ईरान के IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) ने ट्रम्प के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि युद्ध कब खत्म होगा, यह अमेरिका नहीं बल्कि ईरान खुद तय करेगा। ईरान ने साफ कह दिया है कि अगर हमले जारी रहे, तो वह खाड़ी क्षेत्र से एक लीटर भी तेल निर्यात नहीं होने देगा। वहीं दूसरी ओर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ उनका अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। इन सब के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर के तौर पर मोजतबा खामेनेई को चुना गया है।
तेल की कीमतों और जहाजों की आवाजाही पर क्या असर पड़ा?
इस तनाव के कारण Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही लगभग जीरो हो गई है, जबकि पहले हर दिन करीब 37 बड़े जहाज यहाँ से गुजरते थे। इसका असर सीधा तेल सप्लाई पर दिख रहा है।
- जहाजों का रूट बदला: Maersk जैसी बड़ी कंपनियों ने इस रास्ते से अपने जहाज भेजना बंद कर दिया है और अब वे केप ऑफ गुड होप के लंबे रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।
- तेल के दाम: ब्रेंट क्रूड ऑयल का दाम 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, लेकिन ट्रम्प के इस बयान के बाद कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, दाम घटकर 90-92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं।
- ओपेक (OPEC+) का फैसला: तेल की कमी को पूरा करने के लिए ओपेक के आठ देशों ने अप्रैल से तेल उत्पादन 206,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ाने का फैसला किया है।
- बीमा कवर: अमेरिका ने कमर्शियल जहाजों को वापस इस रास्ते पर लाने के लिए ‘पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस’ देने की घोषणा की है।




