अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स वसूलने की कोई भी कोशिश की, तो अमेरिका उसे तुरंत रोक देगा। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका इस मामले में बहुत तेजी से कार्रवाई करने की ताकत रखता है और इसकी शुरुआती तैयारी भी की जा चुकी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण बढ़ाने के लिए नया कानून बनाने की तैयारी कर रहा है।
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ट्रंप ने अपनी चेतावनी में क्या कहा है?
डोनाल्ड ट्रंप ने 30 मार्च 2026 को दिए एक बयान में कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की किसी भी मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि अगर ईरान जहाजों से पैसा वसूलने की योजना पर आगे बढ़ता है, तो अमेरिका दो मिनट के भीतर उस रास्ते को सुरक्षित करने या बंद करने की क्षमता रखता है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि अमेरिका ने पहले ही इस रणनीतिक जलमार्ग पर नियंत्रण पाने की दिशा में कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। ट्रंप की यह सख्ती ईरान की उस योजना के खिलाफ है जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय जहाजों से टोल लेने की बात कर रहा है।
ईरान की तैयारी और अंतरराष्ट्रीय नियमों की स्थिति
ईरान की संसद एक ऐसा बिल तैयार कर रही है जिससे Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाया जा सके। ईरान के सांसदों का मानना है कि इससे उनकी संप्रभुता मजबूत होगी और राजस्व भी मिलेगा। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के मुताबिक, ऐसे रास्तों से गुजरने के लिए टोल नहीं लिया जा सकता है। नीचे दी गई टेबल में इस मामले से जुड़ी मुख्य तारीखें और जानकारी दी गई है:
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 30 मार्च 2026 | ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के टोल वसूलने के कदम को तुरंत रोकेगा |
| 29 मार्च 2026 | ट्रंप ने चेतावनी दी कि वह दो मिनट में जलमार्ग को सुरक्षित कर सकते हैं |
| 27-28 मार्च 2026 | ईरान की संसद में टोल टैक्स लगाने के लिए बिल का मसौदा तैयार होने की रिपोर्ट |
| अंतरराष्ट्रीय नियम | समुद्री कानून के तहत केवल सेवाओं के लिए शुल्क लिया जा सकता है, रास्ते के लिए नहीं |
ईरान का वर्तमान रुख क्या है?
ईरान के विदेश मंत्री और अन्य अधिकारियों का कहना है कि Strait of Hormuz अभी भी जहाजों के लिए खुला है। उनका तर्क है कि अगर जहाज वहां से नहीं जा रहे हैं, तो इसका कारण अमेरिका द्वारा पैदा किया गया तनाव और बीमा कंपनियों का डर है, न कि ईरान की कोई कार्रवाई। ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने यह भी स्पष्ट किया कि दुश्मन देशों से जुड़े जहाजों को छोड़कर बाकी सभी के लिए यह रास्ता खुला है, बशर्ते वे सुरक्षा नियमों का पालन करें। हालांकि, टोल टैक्स लगाने की खबरों ने खाड़ी देशों में व्यापार करने वाले लोगों और कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।
