Saudi Arabia: ईरान के हमलों पर UN के कड़े रुख का सऊदी ने किया स्वागत, कई देशों को मिली राहत
सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) द्वारा ईरान के हमलों के खिलाफ पारित किए गए प्रस्ताव का जोरदार स्वागत किया है। बुधवार को हुई बैठक में परिषद ने ईरान द्वारा क्षेत्र के कई देशों पर किए गए हमलों की निंदा करते हुए इसे मानवाधिकारों का बड़ा उल्लंघन बताया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कड़े रुख को दिखाता है और निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
प्रस्ताव में किन देशों और नुकसान का जिक्र किया गया है?
इस प्रस्ताव में उन सभी देशों का समर्थन किया गया है जो ईरान के हमलों से प्रभावित हुए हैं। संयुक्त राष्ट्र ने स्पष्ट किया है कि नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना किसी भी हाल में सही नहीं है। प्रभावित देशों और ठिकानों की सूची इस प्रकार है:
- प्रभावित देश: सऊदी अरब, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, यूएई और जॉर्डन शामिल हैं।
- नागरिक बुनियादी ढांचा: हवाई अड्डे, बंदरगाह और बिजली पैदा करने वाले स्टेशनों को निशाना बनाया गया।
- रिहायशी इलाके: आम लोगों के रहने वाले घरों और सार्वजनिक संपत्तियों को ड्रोन और मिसाइलों से नुकसान पहुँचाया गया।
- समुद्री रास्ता: होर्मुज जलडमरूमध्य और बाब अल-मंदब जैसे रास्तों में जहाजों की आवाजाही में बाधा पैदा करने की कोशिश की गई।
UN ने ईरान को लेकर क्या निर्देश जारी किए हैं?
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार किया है, जिसे 100 से अधिक देशों ने अपना समर्थन दिया है। परिषद ने ईरान को भविष्य में ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी है। मुख्य निर्देशों में यह बातें शामिल हैं:
| विषय | UN के निर्देश और मांग |
|---|---|
| हमलों पर रोक | ईरान तुरंत और बिना किसी शर्त के सभी हमलों और धमकियों को बंद करे। |
| मुआवजा | हमलों से हुए नुकसान और पीड़ितों की भरपाई के लिए ईरान को मुआवजा देना होगा। |
| अंतरराष्ट्रीय कानून | ईरान को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और राज्यों की संप्रभुता का सम्मान करना होगा। |
| निगरानी | UN हाई कमिश्नर को इस पूरी स्थिति पर नजर रखने और रिपोर्ट देने का काम सौंपा गया है। |
सऊदी अरब और अन्य देशों का इस पर क्या रुख है?
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि नागरिकों और उन देशों को निशाना बनाना जो युद्ध का हिस्सा नहीं हैं, पूरी तरह से गलत है। जॉर्डन और कुवैत के राजदूतों ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। यूएई ने कहा कि क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने वाली नीतियों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी पक्षों से कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की है ताकि आम लोगों को और नुकसान न हो।




