अबू धाबी के अल धाफ्रा इलाके में मौजूद बरकाह न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास रविवार को ड्रोन हमला हुआ। यूएई की एयर डिफेंस सिस्टम ने तीन ड्रोन पकड़े, जिनमें से दो को हवा में ही मार गिराया गया लेकिन एक ड्रोन बिजली जेनरेटर से जा टकराया। इस घटना के बाद यूएई के विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख से बात कर इस हमले की कड़ी निंदा की है।
हमला कैसे हुआ और कितना नुकसान हुआ?
यूएई रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पश्चिम दिशा से तीन ड्रोन देश की सीमा में घुसे थे। एयर डिफेंस सिस्टम ने दो ड्रोन को तो रोक लिया, लेकिन तीसरा ड्रोन प्लांट के बाहरी हिस्से में लगे एक बिजली जेनरेटर से टकरा गया। अबू धाबी मीडिया ऑफिस और परमाणु नियामक प्राधिकरण (FANR) ने साफ किया कि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ और प्लांट की सुरक्षा या रेडिएशन लेवल पर कोई असर नहीं पड़ा है। सभी यूनिट सामान्य रूप से काम कर रही हैं और प्लांट की जरूरी प्रणालियां पूरी तरह तैयार हैं।
यूएई सरकार और IAEA ने इस पर क्या कहा?
यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाह्यान ने IAEA के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी से फोन पर बात की। उन्होंने कहा कि नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी साफ किया कि यूएई अपनी सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने का पूरा हक रखता है। दूसरी तरफ, राफेल ग्रॉसी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और कहा कि परमाणु सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सैन्य गतिविधियां बिल्कुल स्वीकार नहीं हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या परमाणु प्लांट में कोई बड़ा खतरा या रेडिएशन लीक हुआ?
नहीं, अबू धाबी मीडिया ऑफिस और FANR ने पुष्टि की है कि रेडिएशन लेवल सामान्य है और किसी भी तरह की चोट नहीं आई है। हमला सिर्फ बाहरी बिजली जेनरेटर पर हुआ था।
इस हमले के लिए किसे जिम्मेदार माना जा रहा है?
फिलहाल किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यूएई रक्षा मंत्रालय इस घटना की जांच कर रहा है ताकि हमले के स्रोत का पता लगाया जा सके।
