वासेपुर का कुख्यात अपराधी प्रिंस खान पिछले सात महीनों से बिना वीजा दुबई (UAE) में रह रहा है। जून 2025 में उसका वीजा समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद वह विदेश में रहकर भारत, खासकर झारखंड और बिहार में अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, उसका पासपोर्ट भी दुबई में जब्त किया जा चुका है।
112 से ज्यादा केस, सब गुर्गे जा चुके जेल
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, प्रिंस खान पर 112 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके नेटवर्क से जुड़े सभी गुर्गे या तो जेल जा चुके हैं या फिर पुलिस कार्रवाई के दायरे में हैं।
गैंगस्टर और उसके सहयोगी एफटीआई (FIR) नेटवर्क के जरिए लगातार धमकी, रंगदारी और वसूली का काम चला रहे हैं।
40 डीएसपी जमीन भी मिली
पुलिस की जांच में सामने आया है कि प्रिंस खान और उसके परिवार के नाम पर करीब 40 डीएसपी जमीन दर्ज है। यह संपत्ति अपराध से कमाई गई रकम से खरीदी गई बताई जा रही है। पुलिस को वासेपुर में प्रिंस खान के गुर्गों के 12 ठिकानों पर छापेमारी के दौरान अहम दस्तावेज भी मिले हैं।

परिवार के लोग भी जांच के घेरे में
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रिंस खान की पत्नी, भाई गोपी खान और अन्य करीबी रिश्तेदार भी उसके नेटवर्क में सहयोग कर रहे हैं।
रांची जेल में बंद शपथनामा मौर्या रोज़ाना प्रिंस की पत्नी से संपर्क में था और कई अहम खुलासे हुए हैं।
दुबई से रंगदारी का नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, प्रिंस खान दुबई से ही मोबाइल कॉल और डिजिटल ऐप्स के जरिए रंगदारी मांग रहा है। व्यवसायियों, बिल्डरों और कारोबारियों को लगातार धमकियां दी जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि उसके पीछे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है।
कई जिलों में सक्रिय गिरोह
प्रिंस खान का गिरोह धनबाद, जमशेदपुर, रामगढ़ और पलामू समेत कई जिलों में सक्रिय है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिरोह के सभी सदस्यों पर लगातार कार्रवाई जारी है और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई के प्रयास किए जाएंगे।




