Dubai में दान देने के लिए लागू हुआ नया नियम, मस्जिदों में अब लगेंगे स्मार्ट बॉक्स
दुबई के इस्लामिक मामलों और चैरिटेबल गतिविधियों के विभाग (IACAD) ने दान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क लागू किया है। इस नए नियम के तहत दुबई की चुनिंदा और मंजूरशुदा मस्जिदों में अब स्मार्ट डोनेशन बॉक्स लगाए जाएंगे। प्रशासन ने इस पहल को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए अल-तराहुम चैरिटी फाउंडेशन, बैत अल खैर सोसाइटी और दार अल बेर सोसाइटी के साथ आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
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क्या है नया स्मार्ट डोनेशन सिस्टम और यह कैसे काम करेगा?
यह नया सिस्टम पूरी तरह से डिजिटल और संगठित डोनेशन माहौल तैयार करने के लिए बनाया गया है। इसके जरिए विभाग दान में मिलने वाली राशि की तकनीकी और प्रशासनिक निगरानी कर सकेगा। इस फ्रेमवर्क का मुख्य उद्देश्य दान की हर प्रक्रिया को ट्रैक करना और उसमें पूरी ईमानदारी बनाए रखना है। अब दुबई की मस्जिदों में पुराने तरीकों की जगह एक एकीकृत डिजिटल सिस्टम काम करेगा जिससे दान देने वालों का भरोसा बढ़ेगा।
इन संस्थाओं को मिली है डोनेशन बॉक्स के संचालन की अनुमति
दुबई प्रशासन ने इस काम के लिए तीन प्रमुख चैरिटी संस्थाओं के साथ मिलकर काम करने का फैसला लिया है। इन संस्थाओं की जिम्मेदारी होगी कि वे मंजूर मस्जिदों में इन स्मार्ट बॉक्स का सही तरीके से वितरण और संचालन करें।
- Al-Tarahum Charity Foundation: यह संस्था स्मार्ट बॉक्स के मैनेजमेंट में सहयोग करेगी।
- Beit Al Khair Society: दान प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
- Dar Al Ber Society: तकनीकी निगरानी और डेटा ट्रैकिंग में शामिल रहेगी।
यह पूरा सिस्टम 12 मार्च 2026 से प्रभावी माना गया है। दुबई में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के लिए अब मस्जिदों में दान करना ज्यादा सुरक्षित होगा क्योंकि हर ट्रांजैक्शन की निगरानी सरकारी तंत्र द्वारा की जाएगी। इससे अनधिकृत तरीके से फंड जुटाने की कोशिशों पर पूरी तरह लगाम लग सकेगी।





