दुबई में अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी का लालच देकर भारतीय युवाओं को ठगने का एक बड़ा मामला सामने आया है. गुजरात के दो युवक इस फर्जीवाड़े का शिकार होकर दुबई में फंस गए थे, जिन्हें भारतीय दूतावास की कोशिशों से सुरक्षित वापस लाया गया है. इन युवाओं को वहां ड्राइवर की नौकरी का झांसा दिया गया था, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद उन्हें बंधक बनाकर जबरन मजदूरी कराई जा रही थी और उनके पासपोर्ट भी छीन लिए गए थे.

🗞️: लेबनान में इंडोनेशिया के 3 शांति सैनिकों की मौत, तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र से जांच की मांग

फर्जी नौकरी के जाल में कैसे फंसे भारतीय युवक?

नडियाद और अहमदाबाद के रहने वाले इन युवकों ने साल 2025 में सोशल मीडिया पर नौकरी का विज्ञापन देखा था. ‘फाइव टेक इंटरनेशनल सर्विस’ नाम की कंपनी ने उन्हें अच्छे वेतन का भरोसा दिया. सितंबर 2025 में दुबई पहुंचने पर हकीकत कुछ और ही निकली. कंपनी के मैनेजर ने उनके पासपोर्ट ले लिए और उन्हें बिना खाने-पीने के बदतर हालत में रखा गया. जब इन युवकों ने विरोध किया तो उन्हें डराया-धमकाया गया और नए समझौतों पर दस्तखत करने के लिए मजबूर किया गया. भारतीय दूतावास की जांच में पता चला कि यह कंपनी विदेश मंत्रालय के पास रजिस्टर्ड भी नहीं थी.

दुबई पुलिस और प्रशासन ने क्या सलाह दी है?

इस मामले के सामने आने के बाद दुबई पुलिस और भारतीय दूतावास ने नौकरी चाहने वालों के लिए जरूरी गाइडलाइंस जारी की हैं. दुबई पुलिस ने निवासियों और प्रवासियों को सावधान रहने के लिए ‘#BewareOfFraud’ अभियान भी शुरू किया है ताकि लोग ऐसे घोटालों से बच सकें.

सावधानी का तरीका अधिकारियों की सलाह
वीजा वेरिफिकेशन वर्क वीजा केवल आधिकारिक सरकारी चैनलों और लाइसेंस प्राप्त एजेंसियों से ही लें.
कंपनी की जांच दुबई जाने से पहले कंपनी का नाम विदेश मंत्रालय के ई-माइग्रेट पोर्टल पर जरूर चेक करें.
शिकायत का जरिया धोखाधड़ी होने पर दुबई पुलिस स्मार्ट ऐप या ई-क्राइम प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें.
हेल्पलाइन नंबर किसी भी गैर-आपातकालीन सहायता के लिए दुबई में 901 पर कॉल कर सकते हैं.

अधिकारियों का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी हाल ही में दुबई से जुड़े एक बड़े साइबर घोटाले का पर्दाफाश किया है. पीड़ितों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी अनौपचारिक ग्रुप या व्यक्ति के झांसे में न आएं जो कानूनी प्रक्रिया से हटकर वर्क वीजा दिलाने का वादा करता है. गुजरात में इस मामले को लेकर डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) ने धोखाधड़ी का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.