लेबनान के दक्षिणी इलाके में शांति मिशन के लिए तैनात इंडोनेशिया के तीन सैनिकों की मौत की खबर सामने आई है। ये सैनिक UNIFIL मिशन का हिस्सा थे जो इलाके में शांति बनाए रखने का काम करते हैं। इस घटना के बाद इंडोनेशिया सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए संयुक्त राष्ट्र से तुरंत जांच की मांग की है। वहीं क्षेत्र में जारी संघर्ष के बीच ईरान की तरफ से भी इजरायल पर मिसाइल हमले किए गए हैं जिससे माहौल काफी गरमा गया है।

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इन सैनिकों की मौत कब और कैसे हुई?

लेबनान में तैनात इंडोनेशियाई शांति सैनिकों के साथ दो अलग-अलग घटनाएं हुईं जिनमें तीन जवानों की जान चली गई। इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • 30 मार्च के आसपास चीफ प्राइवेट Farizal Rhomadhon की मौत बेस के पास आर्टिलरी फायर की चपेट में आने से हुई।
  • 31 मार्च को एक और घटना हुई जिसमें कैप्टन Zulmi Aditya Iskandar और फर्स्ट सार्जेंट Muhammad Nur Ichwan का वाहन एक अज्ञात धमाके में नष्ट हो गया।
  • इंडोनेशिया के विदेश मंत्री Sugiono ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया और आपात बैठक बुलाने की मांग की है।

संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों की इस पर क्या प्रतिक्रिया है?

इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर काफी चर्चा हो रही है और विभिन्न पक्षों की ओर से बयान जारी किए गए हैं। शांति सैनिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही है।

  • संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने इस हमले की निंदा की और कहा कि शांति सैनिकों पर हमला युद्ध अपराध हो सकता है।
  • इजरायली सेना ने कहा है कि वे इस बात की समीक्षा कर रहे हैं कि ये मौतें हिजबुल्लाह की ओर से हुई हैं या इजरायली कार्रवाई के दौरान।
  • इसी बीच ईरान की ओर से इजरायल के तेल अवीव और नेगेव जैसे इलाकों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई हैं।
  • ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने मुस्लिम देशों के सैनिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।